BY
Yoganand Shrivastava
Tamil Nadu तमिलनाडु के राजनीतिक गलियारों में उस समय हलचल तेज हो गई, जब पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता की बेहद करीबी रहीं वीके शशिकला ने अपनी नई राजनीतिक पारी की ओर इशारा किया। दिवंगत नेता ‘अम्मा’ की जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में शशिकला ने समर्थकों को संबोधित करते हुए सस्पेंस बढ़ा दिया। उनके इस कदम को 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के शक्ति समीकरणों को बदलने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
“अच्छी खबर आएगी”: अम्मा की जयंती पर बड़ा ऐलान
Tamil Nadu चेन्नई में जयललिता (अम्मा) की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह के दौरान शशिकला ने मीडिया से संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली बात की। उन्होंने कहा, “आज अम्मा के जन्मदिन का पावन अवसर है और इस आयोजन के साथ ही जल्द ही एक अच्छी खबर सामने आएगी।” इस बयान के बाद यह अटकलें तेज हैं कि वह जल्द ही अपनी नई राजनीतिक पार्टी की घोषणा कर सकती हैं। इससे पहले उन्होंने एम.जी. रामचंद्रन और जयललिता को पुष्पांजलि अर्पित कर खुद को अम्मा की विरासत का असली उत्तराधिकारी साबित करने की कोशिश की।
2026 की चुनौती: AIADMK के वोट बैंक पर नजर
Tamil Nadu AIADMK से निष्कासित होने और कानूनी बाधाओं का सामना करने के बाद, शशिकला अब 2026 के विधानसभा चुनावों के जरिए अपनी खोई हुई जमीन वापस पाना चाहती हैं।
- वोट बैंक में सेंध: यदि वह नई पार्टी बनाती हैं, तो अन्नाद्रमुक (AIADMK) के पारंपरिक कैडर और वोट बैंक में बड़ी फूट पड़ना तय है।
- समर्थकों का जोश: उनके समर्थक ‘चिन्नम्मा’ (शशिकला) के साथ मजबूती से खड़े हैं। समर्थकों का मानना है कि 2026 का चुनाव तमिलनाडु की राजनीति का भविष्य तय करेगा और शशिकला इसमें किंगमेकर की भूमिका निभा सकती हैं।
चुनावी रण: त्रिकोणीय मुकाबले की ओर बढ़ता तमिलनाडु
Tamil Nadu 2026 के चुनाव महज सत्ताधारी DMK और विपक्षी AIADMK-BJP गठबंधन के बीच की जंग नहीं रह गए हैं।
- नए समीकरण: अभिनेता विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कज़गम’ के मैदान में आने और अब शशिकला की संभावित सक्रियता ने मुकाबले को बहुकोणीय बना दिया है।
- पिछला प्रदर्शन: 2021 में एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 159 सीटें जीतकर सत्ता हासिल की थी। अब जहां सत्ता पक्ष ‘द्रविड़ मॉडल 2.0’ के भरोसे है, वहीं शशिकला की संभावित एंट्री पुराने समीकरणों को पूरी तरह ध्वस्त कर सकती है।





