by; vijay nandan
MP Budget Session 2026 : मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू हुआ। पहले दिन राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने कई मुद्दों पर आपत्ति जताते हुए बीच-बीच में टोका-टाकी की। संबोधन समाप्त होने के बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

MP Budget Session 2026 : अभिभाषण में विकास और निवेश पर जोर
राज्यपाल ने अपने संबोधन में 17 दिसंबर 2025 को आयोजित विशेष सत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य पर व्यापक चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश ‘अमृत काल’ के दौर में आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने उद्योगों के लिए बेहतर माहौल बनने, निवेश को बढ़ावा देने और भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का जिक्र किया। साथ ही वर्ष 2047 तक प्रदेश को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प को दोहराया।

MP Budget Session 2026 : विपक्ष का विरोध
अभिभाषण के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने नल-जल योजना और इंदौर में दूषित पानी की समस्या का मुद्दा उठाया। विपक्षी सदस्यों ने इन विषयों पर हंगामा भी किया, हालांकि राज्यपाल ने अपना भाषण जारी रखा।
कांग्रेस विधायक सोहनलाल वाल्मीकि ने आरोप लगाया कि उन्हें अभिभाषण की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई। इस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने स्पष्ट किया कि राज्यपाल का संबोधन पढ़ा हुआ माना जाएगा। अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव लाया गया है, जिस पर चर्चा मंगलवार से शुरू होगी।
MP Budget Session 2026 : सत्र की शुरुआत से पहले सियासी बयानबाजी
सत्र शुरू होने से पहले विपक्ष ने सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति जाहिर की। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि बजट में केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि जमीनी सच्चाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने प्रदेश के कर्ज पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग भी की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कुछ मंत्रियों की मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा।
इससे पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष ने राज्यपाल का औपचारिक स्वागत किया। ‘वंदे मातरम्’ के साथ सत्र की कार्यवाही शुरू हुई।
MP Budget Session 2026 : 18 फरवरी को पेश होगा बजट
बजट सत्र के दौरान 18 फरवरी को वित्त मंत्री एवं उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा प्रदेश का आम बजट पेश करेंगे। माना जा रहा है कि सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
आपको बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा का पिछला शीतकालीन सत्र दिसंबर 2025 में आयोजित हुआ था, जो एक दिन के विशेष सत्र सहित कुल कुछ बैठकों तक चला। 17 दिसंबर 2025 को हुए विशेष सत्र में करीब 12 घंटे तक चर्चा चली, जिसमें मध्य प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति, अधोसंरचना विकास, रोजगार, कृषि और सामाजिक योजनाओं पर अपने सुझाव रखे। सत्र के दौरान राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक प्रदेश को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का विजन प्रस्तुत किया। विपक्ष ने बढ़ते कर्ज, बेरोजगारी और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर सरकार को घेरा। प्रश्नकाल और ध्यानाकर्षण के माध्यम से जनहित के कई मुद्दे उठाए गए। कुल मिलाकर सत्र में विकास एजेंडा, वित्तीय अनुशासन और जनकल्याण योजनाओं पर व्यापक चर्चा हुई थी।





