Election Commission of India ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कथित लापरवाही और अधिकारों के दुरुपयोग के आरोपों पर सात अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच यह कार्रवाई अहम मानी जा रही है।
आयोग ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13CC के तहत अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए यह कदम उठाया। साथ ही राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिया गया है कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उनके कैडर के अनुसार विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर रिपोर्ट शीघ्र भेजी जाए।

Election Commission of India : किन अधिकारियों पर कार्रवाई
निलंबित अधिकारियों में मुर्शिदाबाद जिले के समसेरगंज और फरक्का विधानसभा क्षेत्रों के सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (AERO) शामिल हैं। इसके अलावा मयनागुड़ी, सूती, कैनिंग पूर्व और देबरा विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े अधिकारी भी कार्रवाई की जद में आए हैं। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण अत्यंत संवेदनशील प्रक्रिया है और इसमें किसी भी स्तर की ढिलाई चुनावी पारदर्शिता को प्रभावित कर सकती है।
Election Commission of India : आयोग का कड़ा संदेश
आयोग ने स्पष्ट किया है कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कोई अधिकारी अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं करता या वैधानिक शक्तियों का दुरुपयोग करता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि चुनावी प्रक्रिया में जवाबदेही से समझौता नहीं होगा।

Election Commission of India : असम दौरे पर चुनाव आयोग
इसी क्रम में चुनाव आयोग 16 से 18 फरवरी तक Assam के तीन दिवसीय दौरे पर है। यह दौरा आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा के लिए आयोजित किया गया है। आयोग विभिन्न राजनीतिक दलों, प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर मतदाता सूची, सुरक्षा प्रबंधन और आचार संहिता के पालन की स्थिति का आकलन करेगा।
आयोग ने दोहराया है कि चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता बनाए रखने के लिए आवश्यक होने पर आगे भी कठोर कदम उठाए जाएंगे।





