Bhopal राजधानी के विंध्याचल भवन में पं. कुंजीलाल संसदीय विद्यापीठ द्वारा एक गरिमामय वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। ’’क्या SIR अभियान लोकतंत्र के हित में है?’’ विषय पर आयोजित इस प्रतियोगिता में युवाओं ने तार्किक और प्रभावशाली ढंग से अपनी बात रखी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि किशन सूर्यवंशी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सजग युवा ही लोकतंत्र की असली ताकत हैं और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका सबसे अहम है।

लोकतांत्रिक मूल्यों और ‘विकसित भारत 2047’ पर जोर
Bhopal मुख्य अतिथि किशन सूर्यवंशी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि छात्र केवल भविष्य के नागरिक ही नहीं, बल्कि वर्तमान के सक्रिय सहभागी भी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय संविधान की महत्ता बताते हुए कहा कि हमारा संविधान विश्व के सर्वश्रेष्ठ और सुदृढ़ दस्तावेजों में से एक है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे संसदीय कार्यप्रणाली को समझें और “विकसित भारत 2047” के संकल्प को सिद्ध करने के लिए सकारात्मक राजनीति और जनसेवा की दिशा में कदम बढ़ाएं।
प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल और विशेषज्ञों की उपस्थिति
Bhopal कार्यक्रम में मध्य प्रदेश शासन के संसदीय सलाहकार देवेन्द्र वर्मा और सतीश कुमार की विशेष उपस्थिति रही। प्रतियोगिता के दौरान छात्रों के तर्कों का आकलन करने के लिए एक प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल मौजूद था, जिसमें शामिल थे:

- डॉ. वीरदत्त दुबे
- अरुण द्विवेदी * डॉ. प्रतिमा यादव
कार्यक्रम का सफल संचालन संसदीय विद्यापीठ के संचालक श्री वीलाल शर्मा द्वारा किया गया।
तर्कों की कसौटी पर ‘SIR अभियान’
Bhopal वाद-विवाद प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने ‘SIR अभियान’ की प्रासंगिकता, लोकतंत्र के समक्ष चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। विद्यार्थियों ने पक्ष और विपक्ष में प्रभावशाली दलीलें पेश कीं, जिससे विषय की गहराई और युवाओं की वैचारिक स्पष्टता उजागर हुई। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर संसदीय कार्य विभाग के अधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
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