Report: Dushyendra Kumar
Bareilly पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शिया मस्जिद को निशाना बनाकर किए गए बर्बर आतंकी हमले की गूंज उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में भी सुनाई दी। शुक्रवार को शिया समुदाय के सैकड़ों लोगों ने इस हिंसा के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों, विशेषकर शिया समुदाय के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों और मानवाधिकारों के हनन पर गहरा रोष व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन: अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग
Bareilly प्रदर्शन का नेतृत्व कलीम हैदर सैफी और जामा मस्जिद के इमाम सैयद हसीन हैदर नकवी ने किया। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इस मांग पत्र में भारत सरकार से आग्रह किया गया है कि वह संयुक्त राष्ट्र (UN) सहित सभी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान में हो रहे शिया नरसंहार के मुद्दे को प्रमुखता से उठाए और पड़ोसी देश पर दबाव बनाए।
पाकिस्तान में सुरक्षा और न्याय की अपील
Bareilly ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया कि पाकिस्तान सरकार अपने देश के शिया नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करने में पूरी तरह विफल रही है। इमाम सैयद हसीन हैदर नकवी ने कहा कि निर्दोष नमाजियों पर हमला मानवता के खिलाफ अपराध है। उन्होंने मांग की कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन इस मामले का संज्ञान लें और पाकिस्तान में शिया समुदाय की जान-माल की हिफाजत सुनिश्चित करने के लिए ठोस कार्रवाई की जाए।
आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का संदेश
Bareilly प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता और इस तरह की कायराना हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। बरेली के शिया समुदाय ने एकजुट होकर स्पष्ट संदेश दिया कि वे दुनिया के किसी भी कोने में हो रहे अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहेंगे। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से जिला मुख्यालय पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।





