Deoghar विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में महाशिवरात्रि 2026 की तैयारियां अपने चरम पर हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए बाबा मंदिर के शिखर पर स्थापित पावन पंचशूल को विधिवत नीचे उतारा गया। उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा और पुलिस अधीक्षक सौरभ की सीधी निगरानी में यह पूरी प्रक्रिया श्रद्धापूर्वक और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
स्पर्श और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में दिखा जबरदस्त उत्साह
Deoghar पंचशूल के नीचे उतरते ही पूरा मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा। इस दुर्लभ और अलौकिक दृश्य का साक्षी बनने के लिए हजारों की संख्या में भक्त उमड़ पड़े। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर पंचशूल का स्पर्श किया और आशीर्वाद लिया। बता दें कि बैद्यनाथ धाम देश का इकलौता ऐसा ज्योतिर्लिंग है, जहाँ शिखर पर त्रिशूल के स्थान पर पंचशूल स्थापित है, जिसे तंत्र साधना में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
आज बाधित रहेगा बाबा और माता का ‘गठबंधन’
Deoghar धार्मिक मान्यताओं और परंपरा के अनुसार, शिखर से पंचशूल उतरने के बाद महाशिवरात्रि तक बाबा बैद्यनाथ और माता पार्वती के मंदिरों के बीच होने वाला ‘गठबंधन’ अस्थाई रूप से रोक दिया गया है। शनिवार को विशेष पूजा-अर्चना और शुद्धिकरण के बाद पंचशूल को पुनः शिखर पर स्थापित किया जाएगा। इसके उपरांत ही श्रद्धालु दोबारा विधिवत गठबंधन की रस्म पूरी कर सकेंगे।
प्रशासन ने कसी कमर: सुरक्षा और साज-सज्जा के व्यापक इंतजाम
Deoghar उपायुक्त ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व और निकलने वाली भव्य ‘शिव बारात’ को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। बाबा मंदिर से लेकर शिवगंगा और बारात मार्ग तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शहर को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है और साफ-सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त और अनुमंडल पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में तीर्थ पुरोहित और पुलिस बल तैनात रहे।





