BY
Yoganand Shrivastava
New Delhi विभिन्न केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर 12 फरवरी 2026 (बुधवार) को देशव्यापी हड़ताल और ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है। इस विरोध प्रदर्शन के कारण देश के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है। श्रमिक संगठनों और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के इस साझा आंदोलन का मुख्य उद्देश्य नई श्रम नीतियों और निजीकरण का विरोध करना है।
क्यों बुलाया गया है भारत बंद? मुख्य मांगें क्या हैं?
New Delhi श्रमिक और किसान संगठन सरकार द्वारा लागू की गई चार नई श्रम संहिताओं (Labour Codes) का कड़ा विरोध कर रहे हैं। यूनियनों का आरोप है कि ये नियम मजदूरों के अधिकारों को सीमित करते हैं और कंपनियों को ‘हायर एंड फायर’ (भर्ती और छंटनी) की असीमित शक्ति देते हैं।
- प्रमुख मांगें: चारों श्रम संहिताओं को रद्द करना, विद्युत संशोधन विधेयक और बीज विधेयक के मसौदे को वापस लेना।
- आजीविका का मुद्दा: मनरेगा (MGNREGA) को प्रभावी रूप से बहाल करने और ग्रामीण रोजगार मिशन से जुड़ी चिंताओं का समाधान करना।
- पेंशन और सुरक्षा: पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी।
बैंकिंग सेवाओं पर असर: क्या बंद रहेंगे बैंक?
New Delhi अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (AIBEA) सहित कई बड़े संगठनों ने इस हड़ताल को अपना समर्थन दिया है।
- सार्वजनिक बैंक: एसबीआई (SBI) और आईडीबीआई (IDBI) जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने ग्राहकों को सूचित किया है कि सेवाओं में आंशिक व्यवधान हो सकता है। चेक क्लियरेंस, नकद निकासी और जमा कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
- निजी बैंक: निजी क्षेत्र के बैंकों में कामकाज सामान्य रहने की उम्मीद है, लेकिन कुछ स्थानों पर यूनियन की सक्रियता के कारण सेवाएं धीमी हो सकती हैं।
- डिजिटल सेवाएं: राहत की बात यह है कि ATM और ऑनलाइन नेट बैंकिंग सेवाएं सुचारू रूप से काम करती रहेंगी।
स्कूल, कॉलेज और बाजार की स्थिति: क्या खुलेगा और क्या बंद?
New Delhi भारत बंद को लेकर शिक्षण संस्थानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की स्थिति राज्य और स्थानीय संगठनों पर निर्भर करेगी।
- शिक्षण संस्थान: राष्ट्रीय स्तर पर स्कूल-कॉलेज बंद करने का कोई आदेश नहीं है, लेकिन केरल, कर्नाटक और ओडिशा जैसे राज्यों में जहां यूनियन मजबूत हैं, वहां एहतियातन छुट्टी घोषित की जा सकती है। माता-पिता को स्कूल प्रशासन के संपर्क में रहने की सलाह दी जाती है।
- बाजार और परिवहन: ‘चक्का जाम’ की स्थिति में सार्वजनिक परिवहन (बस और ऑटो) सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। स्थानीय व्यापारिक संगठन यदि बंद का समर्थन करते हैं, तो बाजार बंद रह सकते हैं।
- अनिवार्य सेवाएं: अस्पताल, एम्बुलेंस, दवा की दुकानें, अग्निशमन और दूध-सब्जी जैसी आपातकालीन और आवश्यक सेवाएं पूरी तरह चालू रहेंगी।





