रिपोर्ट: निज़ाम अली
Pilibhit पूरनपुर : तहसील परिसर में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (भानू) द्वारा मासिक पंचायत का आयोजन किया गया। दोपहर 12 बजे शुरू हुई इस पंचायत में किसानों और ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गहरा रोष व्यक्त किया। यूनियन ने जनहित से जुड़ी समस्याओं को लेकर एसडीएम अजीत प्रताप सिंह को 4 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
जिला अस्पतालों में अवैध वसूली और भ्रष्टाचार का आरोप
Pilibhit पंचायत को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष भजनलाल क्रोधी ने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पीलीभीत जिला अस्पताल और महिला जिला अस्पताल भ्रष्टाचार के केंद्र बन चुके हैं। हालिया निरीक्षण का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि महिला अस्पताल में मरीजों से सुई निकलवाने और पट्टी कराने जैसे सामान्य कार्यों के लिए भी अवैध वसूली की जा रही है, जिससे गरीब जनता का शोषण हो रहा है।

अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों और लेखपाल की कार्यप्रणाली पर सवाल
Pilibhit यूनियन ने जिले में फल-फूल रहे अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। ज्ञापन में कहा गया कि बिना पंजीकरण के कई सेंटर संचालित हो रहे हैं, जिन पर प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके अतिरिक्त, ग्राम पंचायत सिद्ध नगर नरोसा के लेखपाल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए उनके विरुद्ध जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।

प्रशासनिक अधिकारियों की अनुपलब्धता से ग्रामीण परेशान
Pilibhit भाकियू कार्यकर्ताओं ने तहसील प्रशासन की अव्यवस्थाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने एसडीएम को बताया कि ‘SIR नोटिस’ के सिलसिले में दूर-दराज के गांवों से आने वाले ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अक्सर समय पर संबंधित अधिकारियों के न मिलने के कारण ग्रामीणों का पूरा दिन बर्बाद हो जाता है। यूनियन ने मांग की है कि इन सभी समस्याओं का जल्द निस्तारण किया जाए, अन्यथा वे आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाएंगे।





