Sonbhadra सोनभद्र जिले की साइबर क्राइम सेल ने एक ऐसे अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो तकनीक का दुरुपयोग कर महिलाओं की अस्मत और लोगों की गाढ़ी कमाई से खिलवाड़ कर रहा था। खुद को CBI अधिकारी बताकर डराने और फर्जी ‘न्यूड फोटो’ वायरल करने की धमकी देने वाले इस गिरोह के चार सदस्यों को पुलिस ने कानपुर से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई प्रदेश सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत की गई है।

AI तकनीक और फर्जी सिम कार्ड का जाल
Sonbhadra पुलिस जाँच में इस गिरोह के काम करने के बेहद चौंकाने वाले तरीके सामने आए हैं। एएसपी अनिल कुमार के अनुसार, यह गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को लालच देकर उनके नाम पर फर्जी सिम कार्ड निकलवाता था। इसके बाद, AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक का सहारा लेकर पीड़ितों की फर्जी न्यूड फोटो तैयार की जाती थी। गिरोह के सदस्य वॉट्सऐप पर खुद को सीबीआई अफसर बताकर कॉल करते थे और फोटो वायरल करने या जान से मारने की धमकी देकर मोटी रकम वसूलते थे।
चोपन की महिला की शिकायत पर खुला राज
Sonbhadra इस पूरे नेटवर्क का खुलासा तब हुआ जब सोनभद्र के चोपन थाना क्षेत्र की एक महिला ने इस प्रताड़ना के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। साइबर टीम ने जब तकनीकी कड़ियों को जोड़ना शुरू किया, तो तार कानपुर नगर से जुड़े मिले। जाँच में यह भी पाया गया कि अभियुक्तों ने अब तक 100 से अधिक सिम कार्ड्स का उपयोग कर देशभर में सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बनाया है। आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल किए गए कई मोबाइल फोन और संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए हैं।
संगठित अपराध के खिलाफ अभियान जारी
Sonbhadra पकड़े गए चारों अभियुक्तों से पुलिस गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य सहयोगियों तक पहुँचा जा सके। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, सोनभद्र की कई अन्य महिलाएँ भी इस गिरोह का शिकार हुई थीं। साइबर पुलिस ने अपील की है कि यदि कोई भी व्यक्ति इस तरह के ‘डिजिटल अरेस्ट’ या फोटो वायरल करने की धमकी का सामना करता है, तो डरे बिना तत्काल 1930 या नजदीकी साइबर सेल में सूचना दे।
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