BY
Yoganand Shrivastava
Rajasthan प्रदेश में कड़ाके की ठंड के बीच मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि 31 जनवरी से 3 फरवरी के बीच राजस्थान के कई हिस्सों में फिर से मेघगर्जन के साथ बारिश हो सकती है। इस नए वेदर सिस्टम का सबसे ज्यादा असर उत्तरी और पूर्वी राजस्थान में देखने को मिलेगा। विशेष रूप से जयपुर, भरतपुर और बीकानेर संभाग के जिलों में वज्रपात और ओलावृष्टि (Hailstorm) का अलर्ट जारी किया गया है।
शीतलहर और घने कोहरे का डबल अटैक
Rajasthan बारिश के साथ-साथ राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में शीतलहर का प्रकोप जारी है। नागौर, सीकर और चुरू जैसे जिलों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। अगले 48 घंटों (29-30 जनवरी) के दौरान राज्य के कई इलाकों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे सड़कों पर दृश्यता (Visibility) काफी कम रह सकती है। विभाग ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
शादी सीजन और फसलों पर संकट
Rajasthan फरवरी की शुरुआत में राजस्थान में शादियों का बड़ा सीजन है। 31 जनवरी से शुरू होने वाली बारिश और ओलावृष्टि के अलर्ट ने मैरिज गार्डन संचालकों और परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। इसके अलावा, हाल ही में हुई ओलावृष्टि से सरसों, गेहूं और चने की फसलों को पहले ही नुकसान हुआ है। अब फिर से ओले गिरने की आशंका ने किसानों की रातों की नींद उड़ा दी है।
तापमान का गणित: कहाँ कितनी ठंड?
Rajasthan बीते 24 घंटों में मनोहर थाना (झालावाड़) में सर्वाधिक 26 मिमी बारिश दर्ज की गई। वर्तमान में राज्य का न्यूनतम तापमान नागौर में 5.7 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है, जबकि डूंगरपुर में अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, तेज उत्तरी हवाओं के चलते आने वाले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की और गिरावट हो सकती है।
Read this: Cinema : बॉलीवुड में उम्र का भेदभाव: मोना सिंह ने पूछा- “महिलाओं के लिए ही क्यों है एक्सपायरी डेट?”





