रिपोर्ट: विकास तिवारी
चार घंटे तक नहीं पहुंची संजीवनी, मरीज की हालत बिगड़ी
Umaria उमरिया जिले में जीवन रक्षक 108 एंबुलेंस सेवा की जमीनी हकीकत चिंताजनक तस्वीर पेश कर रही है। जिला अस्पताल उमरिया में एक गंभीर मरीज को रेफर किए जाने के बावजूद 108 एंबुलेंस के लिए चार घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा। ग्राम महरोई निवासी 48 वर्षीय रामप्रकाश की हालत लगातार बिगड़ती चली गई, लेकिन समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। परिजन बार-बार 108 पर संपर्क करते रहे, मगर हर बार केवल यह आश्वासन मिलता रहा कि वाहन रास्ते में है।

जिम्मेदारों से संपर्क के बाद भी नहीं मिली राहत
Umaria मामले में जब 108 सेवा का संचालन कर रही जय अम्बे कंपनी के जिला प्रबंधक से संपर्क किया गया, तो कई प्रयासों के बाद फोन पर बातचीत तो हुई, लेकिन किसी तरह की ठोस मदद नहीं मिल सकी। सवाल यह भी उठता है कि मुख्यालय के नजदीक तैनात एंबुलेंस वाहन उस समय कहां थे और उनकी निगरानी क्यों नहीं की गई। इससे कंपनी की जमीनी मॉनिटरिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सरकारी योजना पर उठे सवाल, जवाबदेही तय करने की मांग
Umaria 108 एंबुलेंस सेवा सरकार की एक महत्वपूर्ण और जनहितकारी पहल है, लेकिन उमरिया में इसकी बदहाल स्थिति से यह योजना जमीन पर विफल होती नजर आ रही है। अगर समय पर मदद न मिलने से किसी मरीज की जान जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी—यह बड़ा सवाल बनकर सामने आया है। स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने मांग की है कि इस लापरवाही की जांच हो और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी और की जान जोखिम में न पड़े।
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