Prayagraj Magh Mela 2026 : देश की प्रगति और कल्याण के पथ पर निरंतर अग्रसर रहने की माँ गंगा से की प्रार्थना
Prayagraj Magh Mela 2026 : प्रयागराज, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने माघ मेले के पुण्य अवसर पर प्रयागराज में त्रिवेणी संगम में स्नान कर पूजन किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ माघ मास में संगम तट पर स्नान का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। मान्यता है कि इस काल में गंगा, यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान से आत्मशुद्धि, पुण्य लाभ एवं लोक परलोक दोनों का कल्याण होता है।

Prayagraj Magh Mela 2026 : माघ मेले के पुण्य अवसर पर किया गंगा स्नान
उन्होंने कहा कि त्रिवेणी संगम के पवित्र तट पर संतों, श्रद्धालुओं और साधकों की उपस्थिति ने वातावरण को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण कर दिया। वैदिक मंत्रोच्चार, आरती और पूजन के मध्य किया गया स्नान अंतर्मन को शांति, संतुलन और सकारात्मक संकल्प से भरने वाला रहा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने माँ गंगा से प्रदेश और समस्त देशवासियों पर अपनी कृपा बनाए रखने, समाज में सद्भाव, समरसता और नैतिक चेतना का विस्तार करने और राष्ट्र के निरंतर प्रगति और कल्याण के पथ पर अग्रसर रहने की प्रार्थना की है।

Prayagraj Magh Mela 2026 : संत जनों से लिया आशीर्वाद
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने माघ मेला क्षेत्र, प्रयागराज में श्री सतुआ बाबा के शिविर पहुंचकर संतोष दास (सतुआ बाबा) से आत्मीय भेंट कर उनका सान्निध्य प्राप्त किया। इस अवसर पर आध्यात्मिक विषयों, सनातन परंपराओं और सामाजिक समरसता से जुड़े विचारों पर संवाद किया। साथ ही श्रीमद् जगद्गुरु नृसिंह पीठाधीश्वर पूज्य डॉ. स्वामी नरसिंह देवाचार्य जी महाराज (श्री नरसिंह मंदिर – गीताधाम जबलपुर) से भेंट की और मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किया।
आपको बता दें कि प्रयागराज में माघ मेला हर साल पौष पूर्णिमा से शुरू होता है। इस वर्ष माघ मेला 2026 की शुरुआत 3 जनवरी, 2026 को पौष पूर्णिमा के साथ हुई थी, और यह 15 फरवरी, 2026 (महाशिवरात्रि) तक चलेगा। यह मेला त्रिवेणी संगम पर लगता है और करोड़ों श्रद्धालु इसमें डुबकी लगाते हैं।
शिवालिक से धरा को धन्य कर हरिद्वार तक आई
— Rajendra Shukla (@rshuklabjp) January 22, 2026
हमारी माँ हमारे लोक के स्वीकार तक आई
तपस्वी राम के चरणों चढ़ीं उपहार तक आई
गले मिल कृष्ण यमुना से ये संगम पार तक आई
बनारस में इसे शिव ने पुन: जी भर निहारा है
ये गंगा का किनारा है, ये गंगा का किनारा है
🙏🙏 pic.twitter.com/0zJZIzmdTd





