Reprt: Vandna Rawat
रोजगार सृजन ने पलायन पर लगाई रोक
Lucknow उत्तर प्रदेश अब रोजगार और उद्योगों के मामले में नई पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में औद्योगिक निवेश, एमएसएमई विस्तार, कौशल विकास योजनाओं और सेवायोजन मेलों के जरिए लाखों युवाओं को रोज़गार के अवसर मिले हैं। सेवामित्र पोर्टल पर 53 हजार से अधिक कुशल कामगार पंजीकृत हैं और उन्हें सीधे रोजगार से जोड़ा जा रहा है। इससे युवा और श्रमिक अब घर के पास ही रोजगार पा रहे हैं, जिससे पहले होने वाला पलायन अब ‘परावर्तन’ में बदल गया है।

औद्योगिक निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर ने बढ़ाया विकास
Lucknow ‘इन्वेस्ट यूपी’ के सिंगल विंडो सिस्टम और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ सुधारों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट्स, औद्योगिक और डिफेंस कॉरिडोर, मेडिकल कॉलेज और लॉजिस्टिक्स हब जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स ने उद्योगों को जिलों तक पहुँचाया। आज प्रदेश में 30 हजार से अधिक फैक्ट्रियां संचालित हैं, जो 2017 की तुलना में दोगुनी से अधिक हैं। इन फैक्ट्रियों और उद्योगों में स्थानीय युवाओं, श्रमिकों और महिलाओं के लिए स्थायी रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए हैं।

श्रमिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा से मजबूत हुआ भरोसा
Lucknow योगी सरकार ने श्रमिकों और उनके परिवारों की सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी है। पंजीकृत श्रमिकों और बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। कार्यस्थल पर मृत्यु, स्थायी या आंशिक दिव्यांगता, दुर्घटना और सामान्य मृत्यु पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना, अटल पेंशन योजना, कन्या विवाह सहायता योजना, निर्माण कामगार योजना और जनधन योजना जैसी योजनाओं ने श्रमिकों और उनके परिवारों की सुरक्षा और आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। इन उपायों से युवा और श्रमिक अब प्रदेश में ही रोजगार और बेहतर जीवन यापन के अवसर पा रहे हैं।





