By: Suman, Edit By: Mohit Jain
Water Security: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान की महत्वाकांक्षी राम जलसेतु लिंक परियोजना (संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना) मिशन मोड पर तेजी से आगे बढ़ रही है। परियोजना के प्रथम चरण के पैकेज-2 में चम्बल नदी पर 2.3 किलोमीटर लंबाई और 41.25 मीटर चौड़ाई वाला एक्वाडक्ट बनाया जा रहा है, जिसकी लागत 2,230 करोड़ रुपये है। यह जून 2028 तक तैयार हो जाएगा।
Water Security: निर्माण और तकनीकी प्रगति
एक्वाडक्ट निर्माण स्थल पर कैंप और बैचिंग प्लांट का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। 15 प्रस्तावित टेस्ट पाइल में से 8 का काम पूरा हो गया है। कुल 5,060 वर्किंग पाइल में से 860 का निर्माण पूरा हो चुका है। प्रतिदिन 15-20 पाइल और 500 क्यूबिक मीटर कंक्रीट का कार्य 12 रिग मशीनों की सहायता से किया जा रहा है। साइट पर लगातार शिफ्टों में काम जारी है।

जल आपूर्ति और सामाजिक लाभ
एक्वाडक्ट का निर्माण कोटा जिले के पीपलदा समेल गांव और बूंदी जिले के गोहाटा गांव को जोड़ने के लिए किया जा रहा है। इसके माध्यम से कालीसिंध बैराज से पानी उठाकर मेज नदी में छोड़ा जाएगा और वहां से बीसलपुर और ईसरदा बांध तक पहुँचाया जाएगा। परियोजना के प्रथम चरण में राज्य के 17 जिलों की लगभग 3.25 करोड़ आबादी को पेयजल, सिंचाई और उद्योगों के लिए जल उपलब्ध होगा।
Water Security: सहयोग और समन्वय
वर्तमान राज्य सरकार गठन के तुरंत बाद मध्यप्रदेश सरकार से सहयोग प्राप्त किया गया। जनवरी 2024 में परियोजना का एमओयू और 17 दिसंबर, 2024 को जयपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में राजस्थान, मध्यप्रदेश और केंद्र सरकार के बीच एमओए का आदान-प्रदान किया गया।

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Water Security: मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह परियोजना जल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में मील का पत्थर होगी और राजस्थान जल आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से अग्रसर होगा। उन्होंने निवेश, समन्वय और जनकल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराया।





