Silver Price All Time High ; 15 जनवरी 2025 से 15 जनवरी 2026 तक प्राइस ट्रेंड, वैश्विक स्थिति, भारत पर असर
by: vijay nandan
Silver Price All Time High ; 2025-26 की शुरुआत से कीमती धातुओं में एक सुपर ट्रेंड देखने को मिला है: चांदी की कीमत भारत में ₹2.8 लाख/किग्रा के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई है और सोना भी ₹1.4 लाख/10 ग्राम से ऊपर कारोबार कर रहा है। इसका असर निवेशकों, उद्योगों और अर्थव्यवस्था पर व्यापक रूप से दिखाई दे रहा है।

Silver Price All Time High ; भारत में सोना-चांदी के दाम कब और कितने बढ़े?
- 2025-26 के एक साल के दौरान कीमतों में विभिन्न चरणों में तेज़ी आई है:
- जनवरी 2025: चांदी 80-85 हज़ार/किग्रा थी।
- दिसंबर 2025: चांदी ₹2.14-2.20 लाख/किग्रा और सोना ₹1.35-1.38 लाख/10 ग्राम तक पहुंचा।
- 8-12 जनवरी 2026: चांदी ₹2.65-2.71 लाख; सोना ₹1.44-1.45 लाख।
- 14-15 जनवरी 2026: चांदी ₹2.86 लाख +; सोना ₹1.46 लाख +, नया ऑल-टाइम हाई।
- नतीजा, एक साल में चांदी में करीब ₹1.6 लाख का उछाल, और सोने में भी लगभग ₹50,000-60,000 की तेजी।
Silver Price All Time High ; वैश्विक स्तर पर सोना-चांदी का ट्रेंड क्या है?
वैश्विक रिकॉर्ड: सोना और चांदी दोनों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई ऊंचाइयाँ छुई हैं — चांदी $90/औंस से ऊपर और सोना $4,600+/औंस तक।
एक साथ मेटल रैली: सिर्फ सोना-चांदी नहीं, तांबा, टिन जैसे औद्योगिक धातुओं ने भी रिकॉर्ड ब्रेक किया है।
यूएस डॉलर और फेड नीतियाँ: डॉलर कमजोर या संदिग्ध होने से कीमती धातुओं में निवेश बढ़ा है।
Silver Price All Time High ; दाम क्यों बढ़ रहे हैं?
- सुरक्षित निवेश (Safe Haven) मांग
जब वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, उधार दरें, या युद्ध जैसे तनाव बढ़ते हैं, निवेशक शेयरों और फिएट करेंसी से हटकर सोना-चांदी में निवेश करते हैं — जिससे इनकी कीमतें ऊपर जाती हैं।
- औद्योगिक मांग में बूस्ट
चांदी की औद्योगिक उपयोगिता — खासकर सौर ऊर्जा पैनल, इलेक्ट्रिक वाहनों, बैटरियों, इलेक्ट्रॉनिक्स — बढ़ी है। इससे सप्लाई कम पड़ी है और कीमतें बढ़ीं।
- भू-राजनीतिक और वैश्विक तनाव
यूक्रेन युद्ध के अलावा मध्य पूर्व के तनावों ने भी सुरक्षित निवेश की धारणा को बढ़ाया है — जिससे सोना-चांदी में निवेश तेज़ हुआ है।
नोट: रूस-यूक्रेन युद्ध का प्रभाव सीमित नहीं, पर यह वैश्विक अव्यवस्था और मुद्रास्फीति की चिंताओं को बढ़ाता है, जो कीमती धातुओं के लिए सकारात्मक माना जाता है।
- फेडरल रिज़र्व नीति और डॉलर की स्थिति
अगर ब्याज दरें घटने या स्थिर रहने की उम्मीद बनती है, तो लोगों का रुझान सोना-चांदी की ओर बढ़ता है।

Silver Price All Time High ; किस देश में सबसे सस्ता सोना-चांदी?
वैश्विक स्तर पर धातुओं का बेस प्राइस लगभग एक समान होता है (COMEX/लंदन मार्केट), लेकिन स्थानीय टैक्स, आयात शुल्क और मुद्रा विनिमय दरें प्रभावित करती हैं। आमतौर पर मध्य पूर्व और कुछ अफ्रीकी देशों में सरल आयात शुल्क के कारण सोना-चांदी थोड़ा सस्ता मिल सकता है लेकिन भारतीय बाजार में वे टैक्स और मांग के कारण आमतौर पर भाव थोड़ा ऊपर रहता है।
Silver Price All Time High ; भारत की अर्थव्यवस्था पर असर
सकारात्मक:
निवेशकों को शक्ति मिलना
सुरक्षित पूंजी का प्रवाह
नकारात्मक:
महंगाई में जन-उपभोक्ता खर्च पर दबाव
आयात लागत बढ़ना (चांदी/सोना मुख्यतः आयातित हैं)
रुपया कमजोर होने पर सस्ता सोना-चांदी और महँगा है
कुल मिलाकर, ऊंचे मूल्य भारत के आयात बिल को बढ़ाते हैं और सरकारी खजाने पर दबाव डालते हैं।
Silver Price All Time High ; आगे कहां तक जाएंगे दाम?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक तनाव, केंद्रीय बैंक की अनिश्चित नीतियाँ, मुद्रास्फीति जारी रहती हैं, तो सोना-चांदी के उच्च स्तर स्थिर रह सकते हैं या और बढ़ सकते हैं। अगर ब्याज दरों में तेजी या डॉलर मजबुत होता है, तो रैली को पुशबैक मिल सकता है। 2025-26 की शानदार रैली ने दिखाया कि सोना और चांदी सिर्फ सुरक्षा निवेश ही नहीं, बल्कि औद्योगिक क्रांति (ग्रीन टेक) और वैश्विक आर्थिक रणनीति के केंद्र में हैं। अगर वैश्विक अनिश्चितता जारी रहती है तो ट्रेंड ऊपर रह सकता है, पर निवेश में सावधानी आवश्यक है।
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