Report by: Manish Singh, Edit by: Priyanshi Soni
Khat Ambulance in Sukma: आज़ादी के दशकों बाद भी छत्तीसगढ़ के वनांचल इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की कमी ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। ताजा मामला सुकमा जिले के सिलगेर क्षेत्र से सामने आया है, जहां सड़क और परिवहन सुविधा नहीं होने के कारण एक बीमार महिला को परिजनों ने खाट पर लादकर कई किलोमीटर दूर तक पहुंचाया।
Khat Ambulance in Sukma: सड़क नहीं, साधन नहीं
ग्रामीणों के अनुसार अंदरूनी गांव में महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। गांव तक पक्की सड़क न होने और किसी भी वाहन की व्यवस्था न मिलने के चलते परिजनों के पास खाट के सहारे महिला को ले जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। ग्रामीणों ने जोखिम उठाते हुए महिला को खाट पर लिटाया और उबड़-खाबड़, पहाड़ी रास्तों से पैदल सिलगेर की ओर रवाना हुए।
Khat Ambulance in Sukma: सिलगेर पहुंचकर मिली एंबुलेंस

काफी मशक्कत के बाद जब ग्रामीण सिलगेर पहुंचे, तब वहां मौजूद एंबुलेंस से महिला को बासागुड़ा अस्पताल भेजा गया। महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
Khat Ambulance in Sukma: विकास के दावों पर सवाल
यह घटना एक बार फिर बस्तर अंचल के अंदरूनी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं और सड़क कनेक्टिविटी की सच्चाई उजागर करती है। शासन-प्रशासन के विकास के दावों के बावजूद आज भी आपात स्थिति में ग्रामीणों को खाट को ही एंबुलेंस बनाना पड़ रहा है, जो व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
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