Mohit Jain
Gwalior Cyber Fraud Case: मध्य प्रदेश की ग्वालियर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह के दो बड़े मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। ये आरोपी चीन, नाइजीरिया और कैमरून में बैठे साइबर अपराधियों के सीधे संपर्क में थे और भारत में ठगी की रकम को विदेश भेजने का काम कर रहे थे। इस मामले में पहले ही गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
Gwalior Cyber Fraud Case: गुजरात और राजस्थान के आरोपी ग्वालियर से चला रहे थे नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शैलेंद्र पटेल निवासी गांधीनगर (गुजरात) और मुकेश चौधरी निवासी सिरोही (राजस्थान) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी ग्वालियर में रहकर पूरे साइबर ठगी नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे थे। पुलिस ने इनके पास से लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
म्यूल अकाउंट बेचकर करते थे साइबर ठगी में मदद
एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि यह गिरोह चीन और नाइजीरिया के साइबर ठगों को ‘म्यूल अकाउंट’ उपलब्ध कराता था। इन्हीं खातों में भारत में की गई साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करवाई जाती थी। इसके बाद आरोपी 10 प्रतिशत कमीशन काटकर शेष राशि विदेश भेज देते थे।

क्रिप्टो करेंसी के जरिए विदेश भेजी जाती थी ठगी की रकम
एसडीओपी बेहट मनीष यादव के अनुसार, आरोपी डिजिटल अरेस्ट, शेयर बाजार में मोटे मुनाफे और अन्य ऑनलाइन लालच देकर लोगों को ठगते थे। ठगी से प्राप्त रकम से यूएसडीटी जैसी क्रिप्टो करेंसी खरीदी जाती थी, जिसे बाइनेंस और अन्य एप के जरिए विदेश में बैठे ठगों के वॉलेट में ट्रांसफर किया जाता था।
Gwalior Cyber Fraud Case: 23 दिसंबर को कियोस्क सेंटर पर छापे से खुला नेटवर्क
पुलिस ने 23 दिसंबर को एक कियोस्क सेंटर पर दबिश देकर गिरोह से जुड़े सात लोगों को गिरफ्तार किया था। गहन पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर ही इन दो मास्टरमाइंड तक पुलिस पहुंच सकी। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।

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Gwalior Cyber Fraud Case: पुलिस की अपील: डिजिटल अरेस्ट और शेयर बाजार के झांसे से बचें
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि डिजिटल अरेस्ट, शेयर बाजार में मुनाफे और ऑनलाइन कॉल के जरिए किए जाने वाले लालच से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध कॉल या ट्रांजेक्शन की तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें।





