Edit by: Priyanshi Soni
German Chancellor visit to India: जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज आज अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चांसलर मर्ज ने साबरमती आश्रम में जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। 1917 में स्थापित यह आश्रम गांधीजी का निवास रहा और भारत के स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख केंद्रों में से एक माना जाता है।
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद दोनों नेता साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का उद्घाटन किया। फ्रेडरिक मर्ज प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर 12-13 जनवरी को भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए हैं।
German Chancellor visit to India: गांधीनगर में द्विपक्षीय बैठक
इसके बाद दोनों नेता महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर, गांधीनगर में द्विपक्षीय कार्यक्रम में शामिल होंगे, जहां वे भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा करेंगे। इस साझेदारी को हाल ही में 25 वर्ष पूरे हुए हैं। कार्यक्रम के बाद दोनों देशों की वार्ता और संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी किया जाएगा।

German Chancellor visit to India: जर्मन व्यापार प्रतिनिधिमंडल भारत में
चांसलर मर्ज के साथ 25 बड़ी जर्मन कंपनियों के प्रमुख भी भारत आए हैं। जर्मनी भारत का 9वां सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है। द्विपक्षीय व्यापार 51.23 अरब डॉलर का है, जो भारत के कुल यूरोपीय संघ व्यापार का लगभग 25 प्रतिशत है। साल 2024-25 में सेवाओं का व्यापार 16.65 अरब डॉलर रहा। वहीं अप्रैल 2000 से जून 2025 तक 15.40 अरब डॉलर का FDI जर्मनी से भारत आया।
German Chancellor visit to India: रक्षा क्षेत्र में बड़ा समझौता
मुलाकात के दौरान भारत और जर्मनी के बीच 8 अरब डॉलर का रक्षा समझौता फाइनल होने की संभावना है। इसके तहत 2500 टन वजनी टाइप 214NG सबमरीन का निर्माण होगा, जो एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन तकनीक से लैस होगी। यह भारत के प्रोजेक्ट-75I के लिए निर्णायक कदम माना जा रहा है। TKMS जर्मनी डिज़ाइन और तकनीकी सलाह देगा, जबकि MDL भारत में निर्माण और डिलीवरी करेगी। इस समझौते से भारत में मेक इन इंडिया पहल को मजबूती मिलेगी।
German Chancellor visit to India: हरित ऊर्जा पर सहयोग
चांसलर मर्ज और पीएम मोदी की बैठक में ग्रीन एनर्जी पर भी चर्चा होगी। जर्मनी भारत से ग्रीन अमोनिया खरीदने की योजना बना रहा है, जिसका उपयोग ग्रीन हाइड्रोजन बनाने में होगा। भारत की ग्रीनको ग्रुप पहले ही 2.5 लाख मीट्रिक टन ग्रीन अमोनिया प्रति वर्ष सप्लाई करने के लिए समझौता कर चुकी है।
यह यात्रा भारत-जर्मनी की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के साथ-साथ व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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