Mohit Jain
2026 Assembly Elections: भारत की सियासत में 2026 Assembly Elections बेहद अहम माने जा रहे हैं। असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी-इन पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव न सिर्फ राज्यों की सरकार तय करेंगे, बल्कि 2029 के लोकसभा चुनाव की दिशा भी काफी हद तक तय कर सकते हैं। इन चुनावों को बीजेपी के विस्तार और विपक्ष की एकजुटता की सबसे बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।
2026 Assembly Elections: पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी बनाम बीजेपी की सीधी टक्कर
पश्चिम बंगाल में फिलहाल ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस की सरकार है। 2021 में TMC ने 213 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया था। ममता की कल्याणकारी योजनाएं उनकी सबसे बड़ी ताकत हैं, लेकिन आर्थिक दबाव और प्रशासन से जुड़े विवाद विपक्ष को हमला करने का मौका दे रहे हैं। बीजेपी यहां 2021 के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करने की रणनीति पर काम कर रही है।

असम: हिमंत विश्व शर्मा की अग्निपरीक्षा
असम में बीजेपी मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के नेतृत्व में सत्ता में है। पार्टी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश में जुटी है। विकास, सुरक्षा और पहचान की राजनीति बीजेपी की ताकत है, जबकि कांग्रेस और AIUDF मुस्लिम वोट बैंक पर नजर लगाए हुए हैं। यह चुनाव बीजेपी के लिए पूर्वोत्तर में पकड़ मजबूत करने का बड़ा मौका है।

तमिलनाडु: DMK की सत्ता और नई सियासी चुनौती
तमिलनाडु में एम.के. स्टालिन की DMK सरकार है। कल्याणकारी योजनाओं से पार्टी को लाभ मिला है, लेकिन बेरोजगारी और एंटी-इनकंबेंसी बड़ी चुनौती बन सकती है। AIADMK-बीजेपी गठबंधन और अभिनेता विजय की नई पार्टी चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना रही है।

केरल: लेफ्ट बनाम कांग्रेस, बीजेपी भी मजबूत दावेदार
केरल में पिनाराई विजयन के नेतृत्व में LDF सरकार है। हालांकि हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस ने वापसी के संकेत दिए हैं। बीजेपी भी धीरे-धीरे अपनी जमीन बढ़ा रही है। तीनों प्रमुख राजनीतिक धाराओं के लिए यह चुनाव बेहद निर्णायक माना जा रहा है।

पुडुचेरी: गठबंधन की मजबूती पर सवाल
पुडुचेरी में AINRC-बीजेपी गठबंधन सत्ता में है, लेकिन अंदरूनी खींचतान सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही है। कांग्रेस और DMK यहां वापसी की कोशिश में हैं। यह चुनाव बीजेपी के लिए दक्षिण भारत में गठबंधन राजनीति की बड़ी परीक्षा है।

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2026 Assembly Elections से तय होगी 2029 की सियासी दिशा
कुल मिलाकर, 2026 Assembly Elections केवल पांच राज्यों की सत्ता की लड़ाई नहीं हैं, बल्कि यह आने वाले लोकसभा चुनावों का सेमीफाइनल माने जा रहे हैं। बीजेपी के लिए यह पूर्व और दक्षिण भारत में विस्तार का सुनहरा मौका है, जबकि विपक्ष के लिए यह अस्तित्व और एकजुटता की परीक्षा है। इन चुनावों के नतीजे यह साफ कर देंगे कि देश की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ने वाली है।





