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Khandva news: जल संचय जन भागीदारी अभियान में कोई फर्जीवाड़ा नहीं,सोशल मीडिया पर प्रकाशित खबरे भ्रामक: डॉ. नागार्जुन बी

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Report: Devendra Jaiswal

Khandva news: केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा चलाए गए ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान’ (JSJB 1.0) में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए खंडवा जिले को मिले राष्ट्रीय पुरस्कार पर सोशल मीडिया पर भ्रामक और तथ्यहीन खबरों पर जिला प्रशासन ने चिंता जताई है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (IAS) डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने इस खबर का कड़ा खंडन करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर आरोप निराधार हैं और इनका अभियान से कोई संबंध नहीं है। यह खबर जिला प्रशासन की छवि को धूमिल करने का प्रयास प्रतीत होती है। गौरतलब है कि खंडवा जिला केंद्रीय जल संचय अभियान में देश में नम्बर वन पर रहा है।
डॉ. गौड़ा ने स्पष्ट किया कि जल संचय जन भागीदारी अभियान पिछले वर्ष शुरू हुआ था और यह 31 मई 2025 को समाप्त हो चुका था। अभियान के तहत खंडवा जिले में कुल 1,29,046 जल संरक्षण कार्यों की फोटो पोर्टल पर अपलोड की गईं। इनमें रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग, सोख्ता गड्ढा, रिचार्ज पिट, बोरवेल रिचार्ज, डगवेल रिचार्ज, ओपन वेल रिचार्ज, गली प्लग, नाला बंड, बोल्डर वॉल, गेबियन, कंटूर ट्रेंच, परकोलेशन पॉन्ड, चेकडेम और स्टॉपडेम की मरम्मत जैसी संरचनाएं शामिल हैं। ये कार्य समुदाय, संस्थाओं, पंचायतों, नगर निकायों या व्यक्तिगत जनभागीदारी से किए गए, जिनमें न्यूनतम व्यय पर जल संरक्षण को प्राथमिकता दी गई। जल शक्ति मंत्रालय ने सभी अपलोड फोटो का डेस्क सत्यापन किया और रैंडम आधार पर 1 प्रतिशत कार्यों का फील्ड वेरिफिकेशन भी कराया। इसी आधार पर खंडवा जिले को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार मिला। डॉ. गौड़ा ने कहा, “सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरों में मात्र 1714 फोटो अपलोड करने का दावा पूरी तरह गलत है। हमने 1.29 लाख फोटो अपलोड की थीं, जो पुरस्कार का आधार बनीं।”

प्रकाशित आरोपों का बिंदुवार स्थित
ग्राम पंचायतों शाहपुरा माल, पलानीमाल, डोटखेड़ा और हरवंशपुरा की शिकायतें: ये शिकायतें जनसुनवाई में प्राप्त हुईं और इनका संबंध जल गंगा संवर्धन अभियान (मनरेगा) से है, जो JSJB 1.0 से पूरी तरह अलग है। इन कार्यों की फोटो JSJB पोर्टल पर अपलोड नहीं की गईं। शाहपुरा माल में 150 डगवेल का आरोप निराधार; मनरेगा में केवल 61 डगवेल रिचार्ज स्वीकृत, जिन पर सिर्फ मजदूरी व्यय हुआ। शिकायत पर ग्राम रोजगार सहायक को हटाया गया। पलानीमाल में 2008 के स्टॉपडेम की मरम्मत का कार्य मौके पर हुआ, फोटो में स्पष्ट दिख रहा है। डोटखेड़ा में खेत तालाब का निर्माण हितग्राही की सहमति से मनरेगा में हुआ, भुगतान उनके खाते में गया। हरवंशपुरा में 11 खेत तालाबों में से 10 पर कार्य पूरा, शेष की जांच चल रही। सभी मनरेगा पोर्टल पर प्रगतिरत। ओंकारेश्वर में कर्मचारियों-शिक्षकों द्वारा फोटो अपलोड: अभियान 31 मई 2025 को समाप्त होने के बाद फोटो अपलोड असंभव। उल्लिखित फोटो नेशनल वाटर मिशन के ‘जल शक्ति अभियान: कैच द रेन’ के तहत हैं, जो अलग अभियान है।
अभियान समाप्ति के बाद फोटो अपलोड: अक्टूबर 2025 के फोटो कैच द रेन पोर्टल के हैं, जिनका JSJB 1.0 से कोई लेना-देना नहीं। वर्तमान वित्तीय वर्ष के कार्यों का सत्यापन अभी बाकी है। डॉ. गौड़ा ने कहा पुरानी जनसुनवाई शिकायतों पर आधारित खबरे है, जिन पर पहले ही जांच और कार्रवाई हो चुकी है। “यह खबर पूर्णतः भ्रामक है और राष्ट्रीय पुरस्कार से इसका कोई संबंध नहीं। खंडवा जिले ने जनभागीदारी से वास्तविक जल संरक्षण कार्य किए, जिसकी केंद्र सरकार ने सराहना की।” जिला प्रशासन ने अपील की है कि मीडिया तथ्यों की गहन जांच कर खबरें प्रकाशित करे, ताकि जनता में भ्रम न फैले। जल संरक्षण जैसे राष्ट्रीय महत्व के अभियान को बदनाम करने के प्रयासों का खंडवा प्रशासन पुरजोर विरोध करता है।

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