रिपोर्ट- रतन कुमार
Jamatara News: झारखंड मुक्ति मोर्चा की केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर शनिवार को जिला इकाई ने समाहरणालय के समक्ष एकदिवसीय धरना दिया। यह विरोध केंद्र सरकार द्वारा लाए गए VB-G RAM G बिल के खिलाफ किया गया। धरना की अगुवाई जिला अध्यक्ष नरेंद्र मुर्मू ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ नेता प्रो. कैलाश प्रसाद साव ने किया। अपने संबोधन में नरेंद्र मुर्मू ने कहा कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाकर लाया गया यह नया कानून मजदूरों के हितों पर सीधा हमला है। जिला सचिव परेश यादव ने केंद्र सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि झामुमो गरीबों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष करता रहेगा। बिल वापस होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

Jamatara News: VB-G RAM G बिल संसद के शीतकालीन सत्र में समूचे विपक्ष के हंगामे और विरोध के बीच 18 दिसंबर 2025 को पास किया गया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 21 दिसंबर को इस बिल को मंजूरी भी दे दी है। इसके बाद यह कानून बना था। यह नया कानून MGNREGA की जगह लागू किया जाएगा।
केंद्र सरकार का दावा
केंद्र सरकार ने कहा कि नए कानून में हर ग्रामीण परिवार को अब साल में 125 दिन कार्य देने की गारंटी होगी, जो पहले सिर्फ 100 दिन थी। इससे ग्रामीण परिवारों को ज्यादा काम मिलेगा और उनकी आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी। कानून की धारा 22 के तहत इस योजना के खर्च को केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर वहन करेंगी। सामान्य राज्यों में खर्च का बंटवारा 60 प्रतिशत केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य के बीच होगा। पूर्वोत्तर राज्यों पहाड़ी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों- जैसे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में केंद्र सरकार 90 प्रतिशत खर्च उठाएगी। धारा 6 के अनुसार, राज्य सरकारें खेती के व्यस्त समय, जैसे बुवाई और कटाई के दौरान, साल में अधिकतम 60 दिनों तक इस योजना के तहत मिलने वाले काम को नियंत्रित कर सकेंगी।




