रिपोर्ट: देवेन्द्र जायसवाल
Indore news: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने आज इंदौर स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा की प्रदेश सरकार और इंदौर नगर निगम परिषद पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने शहर के विकास कार्यों और वर्तमान में चल रही एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी कई सवाल खड़े किए।
प्रेस वार्ता के दौरान सज्जन सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव और उनकी टीम करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार में लिप्त है। उन्होंने कहा कि बीआरटीएस निर्माण में भारी राशि खर्च की गई और अब उसे तोड़ा जा रहा है, जो जनता के पैसे की बर्बादी है। एलिवेटेड ब्रिज के मुद्दे पर उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार ने 6.30 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड ब्रिज का प्रस्ताव रखा था, जिसे भाजपा सरकार ने रद्द कर दिया, लेकिन अब उसी परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा स्वीकृति दी जा रही है। उन्होंने इंदौर के नौ विधायकों और एक सांसद के कार्यकाल पर भी सवाल उठाए।
सज्जन सिंह वर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे भावनात्मक मुद्दों के माध्यम से जनता को भ्रमित करते हैं। उन्होंने मनरेगा योजना के नाम परिवर्तन को लेकर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का उद्देश्य सार्वजनिक योजनाओं से महात्मा गांधी का नाम हटाना है। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय रुपये के मूल्य में गिरावट को लेकर व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
उन्होंने यह भी कहा कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव दोनों ने ही मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं रखी हैं, लेकिन स्थिति यह है कि अधिकारी न तो मंत्रियों की सुनते हैं और न ही महापौर की, जो शासन व्यवस्था की गंभीर विडंबना को दर्शाता है।
एसआईआर प्रक्रिया को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इंदौर में पांच लाख से अधिक और भोपाल में चार लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उनके अनुसार यह एक सोची-समझी रणनीति है और आगामी चुनावों से पहले इन नामों को दोबारा जोड़ा जाएगा।





