चीन और पाक की साजिश पर वार: पांच S-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीद से भारत का आसमान और होगा सुरक्षित

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पीएम मोदी–राष्ट्रपति पुतिन शिखर वार्ता में भारत रखेगा नई डील का प्रस्ताव

by: vijay nandan

नई दिल्ली: भारत अगले महीने होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बैठक में S-400 ट्रायम्फ एयर डिफेंस सिस्टम के पांच अतिरिक्त स्क्वॉड्रनों की खरीद का प्रस्ताव रख सकता है। पहले से तैनात S-400 सिस्टम्स और उनके मिसाइल भंडार “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद रणनीतिक जरूरतों में यह बड़ा कदम माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, यह चर्चा 5 दिसंबर को नई दिल्ली में प्रस्तावित शिखर वार्ता का प्रमुख एजेंडा होगी। रूस ने पहले ही आश्वासन दिया है कि 2018 में हुए अनुबंध के तहत बचे हुए दो S-400 स्क्वॉड्रन नवंबर 2026 तक भारत को मिल जाएंगे।

Sukhoi-57 की खरीद पर अभी फैसला नहीं

भारत वायुसेना (IAF) के लिए पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की आवश्यकता पर विचार कर रहा है, लेकिन रूसी सुखोई-57 अथवा अमेरिकी F-35 लाइटनिंग-II में से किसी पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि स्वदेशी AMCA स्टील्थ फाइटर के 2035 तक तैयार होने तक 2–3 स्क्वॉड्रनों की जरूरत अस्थायी रूप से हो सकती है, लेकिन फिलहाल कोई आधिकारिक निर्णय नहीं हुआ है।

सुखोई-30MKI का मेगा अपग्रेड

कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) पहले चरण में 84 सुखोई-30MKI फाइटर्स के उन्नयन को मंजूरी देने जा रही है। यह करीब ₹63,000 करोड़ का प्रोजेक्ट होगा।

  • 84 सुखोई-30MKI की क्षमता
  • नए AESA रेडार
  • उन्नत एवियोनिक्स
  • लंबी दूरी के हथियार
  • मल्टी-सेंसर फ्यूज़न

IAF के पास वर्तमान में 259 Su-30MKI हैं। अपग्रेड का मुख्य कार्य भारत में होगा, हालांकि रूस भी तकनीकी सहयोग देगा।

अमेरिका के साथ भी रक्षा सौदे जारी

भारत ने बीते 15 वर्षों में अमेरिका से $26 बिलियन से अधिक के रक्षा अनुबंध किए हैं। इसी माह 113 GE-F404 इंजनों के लिए ₹8,900 करोड़ का समझौता हुआ, जो तेजस MK-1A को शक्ति देंगे। इसके अतिरिक्त ₹7,000 करोड़ की लागत का फॉलो-ऑन सपोर्ट पैकेज नौसेना की MH-60R हेलिकॉप्टर फ्लीट के लिए स्वीकृत हुआ।

S-400 मिसाइल स्टॉक बढ़ाने की तैयारी

रक्षा मंत्रालय ने ₹10,000 करोड़ के S-400 मिसाइल आदेश को मंजूरी दी है ताकि संघर्ष स्थितियों में उपयोग की गई मिसाइलें पुनः भरी जा सकें और रिज़र्व बन सके। IAF की मांग पांच और S-400 स्क्वॉड्रनों की भी लंबित है। रूस भारत में इनके लिए MRO (मेंटिनेंस, रिपेयर एंड ओवरहाल) सुविधा स्थापित करेगा।

“गेमचेंजर साबित हुआ” वायुसेना प्रमुख

IAF प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर में S-400 की भूमिका को निर्णायक बताया। उनके अनुसार, सिस्टम ने कम से कम पांच पाकिस्तानी उच्च-तकनीकी फाइटर्स (F-16 और JF-17 श्रेणी) को रिकॉर्ड 314 किलोमीटर दूर मार गिराया गया, जो अब तक का “सबसे लंबी दूरी का एयर-टू-एयर किल” माना जा रहा है।

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