Mohit Jain
ग्वालियर में संविधान दिवस के अवसर पर महाराज बाड़े स्थित केंद्रीय पुस्तकालय (सेंट्रल लाइब्रेरी) में भारत के संविधान की हस्तलिखित मूल प्रति आम जनता के लिए प्रदर्शित की जाएगी। यह वही मूल प्रति है, जो 26 नवंबर 1949 को तैयार की गई 16 प्रतियों में से एक है और जिस पर डॉ. राजेंद्र प्रसाद, जवाहरलाल नेहरू सहित संविधान सभा के सदस्यों के हस्ताक्षर मौजूद हैं।
इस ऐतिहासिक दस्तावेज को देखने के लिए ग्वालियर ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों से भी सैकड़ों लोग लाइब्रेरी पहुंचते हैं। इसके अलावा संविधान की डिजिटल प्रति को 65 इंच की स्क्रीन पर भी प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस विरासत को देख सकें। गौरतलब है कि यह मूल प्रति साल में सिर्फ दो बार ही लाइब्रेरी से बाहर निकाली जाती है और विशेष सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रदर्शित की जाती है।

सिंधिया राजवंश को थी यह अमूल्य प्रति
ऐतिहासिक जानकारी के अनुसार, भारत सरकार ने मूल प्रति सिंधिया राजवंश को सौंपी थी। बाद में इसे सुरक्षित रखने के लिए केंद्रीय पुस्तकालय में संरक्षित किया गया, जहां यह विशेष तापमान और सुरक्षा व्यवस्था के तहत रखी जाती है।
शहरभर में संविधान दिवस कार्यक्रम
संविधान दिवस के अवसर पर विभिन्न सरकारी कार्यालयों में सामूहिक वाचन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर कार्यालय में अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन होगा। जिला न्यायालय परिसर में भी संविधान दिवस की 76वीं वर्षगांठ पर प्रस्तावना का वाचन आयोजित किया जाएगा।
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इस समारोह में नागरिकों, विद्यार्थियों, वकीलों, अधिकारियों और सामाजिक संगठनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजकों के अनुसार, लोगों में संविधान के प्रति जागरूकता और समझ को बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजन भविष्य में भी जारी रखे जाएंगे।





