by: vijay nandan
ग्वालियर: कहते हैं अगर अपने लक्ष्य के प्रति होसला और जुनून हो तो रास्ता खुद व खुद बन जाता है। अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए झांसी की रहने वाली खुशी सोनी ने इस बात को साबित कर दिखाया है। छोटे शहर से निकलकर उन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी Google में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर अपनी जगह बनाई है।

झांसी से गूगल तक का सफर
खुशी सोनी का सफर किसी प्रेरणादायक कहानी से कम नहीं है। उत्तर प्रदेश के झांसी में जन्मीं खुशी को बचपन से ही टेक्नोलॉजी और कंप्यूटर का शौक था। जहां उनके साथी खेलकूद में व्यस्त रहते थे, वहीं खुशी का ज्यादातर समय कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और नई टेक्नोलॉजी सीखने में बीतता था। उन्होंने IIITM ग्वालियर से बी.टेक (इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) की डिग्री हासिल की।

दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने यह सफलता कंप्यूटर साइंस नहीं, बल्कि आईटी ब्रांच से हासिल की यानी सही दिशा में मेहनत और लगातार सीखना ही उनकी असली ताकत रहा। साल 2024 में खुशी को Google में इंटर्नशिप का अवसर मिला। यह उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा था। उन्होंने गूगल की टीम के साथ नए प्रोजेक्ट्स पर काम किया, कोडिंग और समस्या समाधान (Problem Solving) में अपनी प्रतिभा दिखाई। चार महीने की इस इंटर्नशिप के दौरान खुशी ने अपनी काबिलियत से सभी को प्रभावित किया।
अमेज़न में दूसरी इंटर्नशिप, फिर Google की जॉब ऑफर
गूगल के बाद खुशी को Amazon से भी दो महीने की इंटर्नशिप का प्रस्ताव मिला। वहां भी उन्होंने अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा। स्मार्ट वर्क, नई स्किल्स और टीमवर्क की समझ के दम पर उन्होंने खुद को एक प्रोफेशनल इंजीनियर के रूप में साबित किया। उनकी मेहनत रंग लाई और जुलाई 2025 में Google ने उन्हें दोबारा जॉब ऑफर किया, इस बार सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर।
IIITM ग्वालियर ने जताया गर्व
IIITM ग्वालियर ने खुशी की इस उपलब्धि को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा — “हमारी छात्रा खुशी सोनी ने यह साबित किया है कि लगन और आत्मविश्वास से किसी भी मुकाम को पाया जा सकता है।”
आज खुशी न केवल अपने कॉलेज की ‘प्लेसमेंट क्वीन’ बन चुकी हैं, बल्कि झांसी और पूरे बुंदेलखंड की युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। उन्होंने दिखा दिया कि अगर जज्बा सच्चा हो, तो किसी भी छोटे शहर से निकलकर गूगल जैसी ग्लोबल कंपनी तक पहुंचना असंभव नहीं।





