लखनऊ। उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा आयोजित माटीकला मेलों में इस वर्ष रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई है। लखनऊ, गोरखपुर, आगरा, कानपुर देहात और मुरादाबाद सहित प्रदेश के 70 जिलों में आयोजित इन मेलों में कुल ₹4.20 करोड़ की बिक्री हुई। यह पिछले वर्ष की तुलना में ₹91 लाख अधिक है, जो लगभग 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।
खरीदारों की उमड़ी भीड़, बिक्री में 28% की बढ़ोतरी

10 दिवसीय माटीकला महोत्सव, 7 दिवसीय क्षेत्रीय मेले और 3 दिवसीय लघु माटीकला मेलों में कुल 691 दुकानों के माध्यम से कारीगरों ने अपने उत्पादों की बिक्री की। इनमें केवल लखनऊ में ही ₹1.22 करोड़ की बिक्री दर्ज की गई। वहीं 70 जिलों में आयोजित लघु माटीकला मेलों में ₹2.19 करोड़ के उत्पाद बिके।
गुणवत्ता और प्रस्तुति ने जीता खरीदारों का दिल
माटीकला बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, इस बार मेलों में खरीदारों की उत्साही भागीदारी रही। उत्पादों की गुणवत्ता और प्रदर्शनी की उत्कृष्ट व्यवस्था के चलते बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। उन्होंने बताया कि यह प्रयास कारीगरों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ने में सफल रहा है, जिससे उनकी आय और ब्रांड वैल्यू दोनों बढ़ी हैं।
योगी सरकार के प्रयासों से कारीगरों को मिला संबल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर पारंपरिक शिल्पों और उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए माटीकला बोर्ड का गठन किया गया है। सरकार ने मिट्टी निकालने की व्यवस्था को निःशुल्क कर कारीगरों के उत्पादन की लागत कम करने का बड़ा कदम उठाया है। इससे हजारों परिवारों को आत्मनिर्भरता का नया आधार मिला है।
अब राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों की ओर कदम
माटीकला बोर्ड के सीईओ ने बताया कि आगामी वर्षों में मेलों का विस्तार कर और अधिक जिलों में आयोजन किया जाएगा ताकि प्रदेश के माटीकला उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच सकें।





