BY: Yoganand Shrivastva
आंध्र प्रदेश: श्रीकाकुलम जिले में शनिवार को देवोत्थान एकादशी के अवसर पर बड़ा हादसा हो गया। काशीबुग्गा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में आठ महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं, जबकि कई श्रद्धालु घायल हुए हैं। हादसे के बाद रविवार को पुलिस ने मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी है।
कैसे हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मंदिर का मुख्य द्वार बंद था, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग बाहर जमा थे। जब अंदर मौजूद कुछ श्रद्धालु ग्रिल टूटने के कारण सीढ़ियों से नीचे गिरे, तो नीचे खड़े लोग दब गए और भगदड़ की स्थिति बन गई। इसी अफरा-तफरी में कई लोगों की जान चली गई और कई गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस की कार्रवाई
श्रीकाकुलम के पुलिस अधीक्षक के. वी. महेश्वर रेड्डी ने बताया कि सभी नौ शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। दो गंभीर रूप से घायल लोगों की हालत अब स्थिर है, जबकि बाकी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि हादसे की जांच शुरू कर दी गई है और सुरक्षा चूक के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अनुमति और सुरक्षा नियमों की अनदेखी
एसपी रेड्डी ने बताया कि मंदिर प्रबंधन ने इस आयोजन के लिए प्रशासन से आवश्यक अनुमति नहीं ली थी, न ही पुलिस सुरक्षा की कोई व्यवस्था की गई थी। उन्होंने कहा, “धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस को पूर्व सूचना देना जरूरी होता है, लेकिन इस मामले में नियमों की पूरी तरह अनदेखी की गई।”
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर एक निजी संस्थान है, जो बिना उचित लाइसेंस और सुरक्षा प्रबंधों के संचालन में था। इस लापरवाही के कारण ही यह दर्दनाक हादसा हुआ। फिलहाल पुलिस ने मंदिर प्रबंधकों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।





