BY: Yoganand Shrivastava
चेन्नई: तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में अन्ना यूनिवर्सिटी से जुड़े एक गंभीर यौन उत्पीड़न मामले में स्थानीय महिला विशेष अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर ₹90,000 का जुर्माना भी लगाया गया है।
दोषी बिरयानी विक्रेता पाया गया
इस मामले में ज्ञानसेकरन नामक एक बिरयानी विक्रेता को दोषी पाया गया, जिसने 19 साल की एक छात्रा के साथ बलात्कार किया था। अदालत ने कहा कि फोरेंसिक और दस्तावेजी साक्ष्य पूरी तरह से आरोपी की संलिप्तता की पुष्टि करते हैं। मामले की सुनवाई महिला विशेष अदालत में न्यायाधीश एम. राजलक्ष्मी की अध्यक्षता में हुई।
कम से कम 30 साल की सजा अनिवार्य
हालांकि अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है, लेकिन विशेष रूप से यह निर्देश भी दिया गया है कि दोषी को कम से कम 30 साल जेल में बिताने होंगे। आरोपी ने अपनी सजा में नरमी की मांग करते हुए अदालत से यह अपील की थी कि उसकी मां और नाबालिग बेटी की देखभाल के लिए उसे कम सजा दी जाए, लेकिन अदालत ने यह याचिका खारिज कर दी।
मामला पहले बंद हुआ, अब मिला न्याय
इस दर्दनाक घटना ने अन्ना यूनिवर्सिटी में सनसनी मचा दी थी। बताया जा रहा है कि यह मामला केवल पांच महीनों में बंद कर दिया गया था, जिससे दिसंबर 2024 में काफी विवाद भी खड़ा हुआ था। लेकिन अब पीड़िता को न्याय मिला है, और अदालत ने दोषी को कठोर सजा देकर एक कड़ा संदेश दिया है।





