रिपोर्ट: देवराज डेहरिया
सिवनी: 2 करोड़ 96 लाख की हवाला लूट के सनसनीखेज मामले में बुधवार को CSP पूजा पांडेय समेत 10 आरोपी पुलिसकर्मियों को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी आरोपियों को 3 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया है।
पुलिस कंट्रोल रूम से जब सभी आरोपियों को कोर्ट ले जाया जा रहा था, तब CSP पूजा पांडे अपनी मासूम बच्ची को गोद में लिए नज़र आईं, यह दृश्य वहां मौजूद सभी लोगों के लिए चर्चा का विषय बन गया।
सीएसपी पूजा पांडे और थाना प्रभारी अर्पित भैरम समेत सभी 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ डकैती, अपहरण और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
मामले में कुल 11 पुलिसकर्मी आरोपी हैं, जिनमें से एक आरक्षक राजेश जंघेला अभी भी फरार है और उसकी तलाश की जा रही है. आईजी प्रमोद वर्मा ने इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले की जांच जबलपुर क्राइम ब्रांच को सौंपी है।
3 दिन की पुलिस रिमांड के दौरान पुलिस इन आरोपियों से लूट की गई करोड़ों की रकम की बरामदगी और आपराधिक साज़िश से जुड़े अन्य पहलुओं पर गहन पूछताछ के दौरान कई और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।
सिवनी हवाला व लूटकांड में हाई कोर्ट में सुनवाई, पीड़ित कारोबारी कोर्ट में पेश, पुलिस ने जहां-जहां रखा, उसके सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश, अवैध रूप से बंधक बना रखने का आरोप।
याचिकाकर्ता जालना निवासी गंगा बाई परमार की तरफ से दायर की गयी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में आरोप लगाते हुए कहा गया उसके पति सोहनलाल परमार को सिवनी पुलिस अवैध रूप से बंधक बनाकर रखे हुए है, उसके पति सोहनलाल की शिकायत पर ही सिवनी हवाला कांड का मामला उजागर हुआ, पुलिस ने उसे 10 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था और 12 तारीख को जमानत पर छोड़ दिया था।
जमानत पर छूटने के बाद उसका पति अपने घर जालना आ गया था, उसी रात जालना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पुनः सिवनी पुलिस को सौंप दिया, तभी से उसका पति सिवनी पुलिस हिरासत में है। याचिकाकर्ता की तरफ से पैरवी करते हुए अधिवक्ता श्रेयस दुबे ने दलील दी याचिकाकर्ता के पति की ट्रांजिट रिमांड नहीं ली गई और उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश भी नहीं किया गया। वहीं व्यापारी को सुरक्षित जालना तक छोड़ने का आदेश।
पुलिस ने सोहनलाल परमार को हाई कोर्ट में पेश किया, सोहनलाल की तरफ से मुंबई से आई एडवोकेट प्रियंका दुबे ने बताया उनके क्लाइंट को गैरकानूनी तरीके से पुलिस ने बंदी बनाकर रखा था, यह गलत है कि ये रकम सट्टे की है, ये रकम सोहनलाल के कारोबार की है, इसके सबूत हम बहुत जल्दी पेश करेंगे, जब पुलिस फंसने लगी तो उसने इस रकम को सट्टे का बताना शुरू कर दिया, पुलिस को यह उम्मीद नहीं थी कि लूट के बाद सोहनलाल इसकी शिकायत किसी से करेगा, बहरहाल, कोर्ट ने उन्हें न्याय दिया है और अब सोहनलाल को वापस जालना छोड़ने के लिए पुलिस प्रोटेक्शन भी दिया गया है।





