मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में पूरनखेड़ी टोल प्लाजा पर चार धाम यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं के साथ एक विवादित घटना हुई है। टोल कर्मियों ने बस को ओवरलोड बताया और यात्रियों के साथ हाथापाई तक हो गई। इस घटना ने स्थानीय लोगों और यात्रियों में रोष पैदा कर दिया। इस लेख में हम इस पूरे मामले की विस्तार से जानकारी देंगे, साथ ही पूर्व विवादों और आगे की कार्रवाई पर भी नजर डालेंगे।
पूरनखेड़ी टोल प्लाजा पर हुआ विवाद
- घटना का समय और स्थान:
सोमवार को शिवपुरी जिले के पूरनखेड़ी टोल प्लाजा पर चार धाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं की बस को रोक लिया गया। यह टोल प्लाजा शिवपुरी-गुना फोरलेन हाईवे पर स्थित है, जो पहले भी विवादों का स्थल रहा है। - क्या हुआ:
टोल कर्मियों ने बस को ओवरलोड बताते हुए उसे रोक दिया और वजन कराने की बात कही। बस ड्राइवर जितेंद्र ने कहा कि बस में 60 यात्री सवार हैं, जो पहले से ही टोल कर्मियों को बताया गया था। इसी बात पर विवाद शुरू हो गया। - मारपीट और धक्का-मुक्की:
आरोप है कि टोल कर्मियों ने यात्रियों, खासकर महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की की और मारपीट भी की। जब बस के स्टाफ ने विरोध किया, तो टोल कर्मी बस के अंदर भी घुस गए और मारपीट जारी रही।
यात्रियों ने NH-46 पर जाम लगाया
मारपीट के बाद यात्रियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 46 पर जाम लगा दिया, जिससे क्षेत्र में भारी भीड़-भाड़ और परेशानी हुई। इस दौरान पुलिस को मामले की सूचना मिली और वे तुरंत मौके पर पहुंचे।
पुलिस की कार्रवाई और एफआईआर
- पुलिस की भूमिका:
पुलिस ने आकर यात्रियों को समझाया और शांत कराया। यात्रियों के जाम हटाने के बाद कोलारस पुलिस ने टोल कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। - कितने टोल कर्मी आरोपी:
इस घटना में चार टोल कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पूरनखेड़ी टोल प्लाजा पर पहले भी हो चुके विवाद
यह पहली बार नहीं है जब पूरनखेड़ी टोल प्लाजा विवादों में रहा हो। कुछ साल पहले भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष और सांसद स्व. नंद कुमार सिंह चौहान के साथ भी टोल कर्मियों ने बदतमीजी की थी, जिससे विवाद बढ़ा था। हाल ही में महाराष्ट्र के एक परिवार की कार में सवार महिलाओं के साथ भी यहां टोल कर्मियों की मारपीट की खबर आई थी, जिसके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई थी।
चार धाम यात्रा पर विवाद: यात्रियों के लिए क्या है महत्वपूर्ण?
- यात्रा की योजना बनाते समय सुरक्षा और सुविधा की जानकारी:
यात्रियों को चाहिए कि वे यात्रा से पहले टोल प्लाजा की स्थिति और नियमों के बारे में जानकारी लें। - टोल नियमों का पालन:
ओवरलोडिंग से बचें और नियमों का सम्मान करें ताकि इस तरह की असुविधाओं से बचा जा सके। - शिकायत दर्ज करवाना:
यदि टोल कर्मियों द्वारा अनुचित व्यवहार होता है तो उचित पुलिस या प्रशासनिक स्तर पर शिकायत दर्ज कराएं।
पूरनखेड़ी टोल प्लाजा पर चार धाम यात्रियों के साथ हुई मारपीट की घटना न केवल यात्रियों के लिए चिंता का विषय है, बल्कि टोल प्रशासन की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे यात्रियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करें। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने मामला तो शांत किया, लेकिन ऐसे विवादों को रोकने के लिए बेहतर प्रशिक्षण और निगरानी की जरूरत है।





