प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत अब वैश्विक अर्थव्यवस्था को धीमी विकास दर से बाहर निकालने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि भारत ठहरे हुए पानी में कंकड़ फेंकने वाला देश नहीं है, बल्कि तेज बहती धारा की दिशा बदलने की ताकत रखता है।
पीएम मोदी ने यह संबोधन ईटी वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2025 में दिया, जहां उन्होंने भारत की आर्थिक उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला।
भारत का बड़ा लक्ष्य: 100 देशों को EV निर्यात
प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि भारत जल्द ही 100 देशों को इलेक्ट्रिक वाहन (EVs) निर्यात करेगा।
- EVs के साथ ही भारत अब मेट्रो कोच, रेल कोच और लोकोमोटिव भी विदेश भेज रहा है।
- यह सफलता देश की रिसर्च और इनोवेशन पर आधारित नीतियों का नतीजा है।
मोदी ने कहा कि बाहर से खरीदी गई रिसर्च केवल “जीने भर” के लिए काफी है, लेकिन भारत की बड़ी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए स्वदेशी रिसर्च और इनोवेशन बेहद जरूरी है।
पीएम मोदी के भाषण की प्रमुख बातें
- ऑटोमोबाइल निर्यात: 2014 से पहले भारत का निर्यात करीब ₹50,000 करोड़ सालाना था, जो अब बढ़कर ₹1.2 लाख करोड़ हो गया है।
- रोज़गार: जून 2025 में EPFO डेटा के अनुसार 22 लाख नई नौकरियां दर्ज हुईं – यह अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।
- महंगाई दर: रिटेल इंफ्लेशन 2017 के बाद सबसे निचले स्तर पर है।
- विदेशी मुद्रा भंडार: अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।
- सौर ऊर्जा: 2014 में भारत की सोलर पैनल उत्पादन क्षमता 2.5 गीगावॉट थी, जो अब बढ़कर 100 गीगावॉट हो गई है।
- दिल्ली एयरपोर्ट: अब दुनिया के उन छह एयरपोर्ट्स में शामिल है जहां हर साल 10 करोड़ से ज्यादा यात्री आते-जाते हैं।
- क्रेडिट रेटिंग: हाल ही में S&P Global Ratings ने लगभग 20 साल बाद भारत की क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड की है।
- आर्थिक लक्ष्य: आने वाले वर्षों में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। मोदी ने कहा कि भारत का वैश्विक विकास में योगदान 20% तक पहुंच जाएगा।
भविष्य की दिशा: रिसर्च और इनोवेशन
प्रधानमंत्री मोदी ने उद्योग और प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को क्लीन एनर्जी, क्वांटम टेक्नोलॉजी, बैटरी स्टोरेज, एडवांस्ड मटीरियल्स और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रिसर्च और निवेश करना होगा।
उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत की प्रगति का आधार रिसर्च और इनोवेशन है, और यही आने वाले समय में देश को विकास का इंजन बनाएगा।
पीएम मोदी का संदेश साफ है – भारत अब सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि दुनिया के लिए भी विकास का मार्गदर्शक बनने जा रहा है। EV निर्यात, स्वदेशी रिसर्च और तकनीकी प्रगति से भारत आने वाले दशक में वैश्विक अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ बनेगा।





