BY: Yognand Shrivastva
ग्वालियर: ज़िले के डबरा तहसील के सिमरिया ताल गांव में बुधवार रात दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। घर में आग लगने से मां और उसकी तीन साल की मासूम बेटी की मौत हो गई। जब पड़ोसी पहुंचे तो दोनों के शव एक-दूसरे से लिपटी हुई हालत में मिले।
आग की लपटें देख दौड़े पड़ोसी
रात करीब 10 बजे गांव के लोगों ने मनीष बघेल के घर से धुआं और आग की लपटें उठती देखीं। चौकीदार उत्तम बाथम ने सबसे पहले धुआं देखा और आसपास के लोगों को बुलाया। गेट अंदर से बंद था, इसलिए पड़ोसी छत पर चढ़े। वहां देखा तो कमरे में महिला और बच्ची आग की लपटों में घिरी हुई थीं। गेट तोड़कर लोग अंदर पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
विवाद के बाद घर लौटी थी महिला
मृतका की पहचान उमा उर्फ़ मनीषा बघेल (25) और उसकी बेटी जान्हवी (3) के रूप में हुई। जानकारी के अनुसार, मनीषा की शादी चार साल पहले सिमरिया ताल के मनीष बघेल से हुई थी। शादी के दो साल बाद बेटी का जन्म हुआ। हाल ही में पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। 19 अगस्त को भी झगड़ा हुआ था, जिसके बाद मनीषा ग्वालियर में अपनी बहन और जीजा के पास चली गई थी। अगले ही दिन उसका पति उसे वापस ससुराल ले आया।
घटना के समय पति घर पर नहीं था
गांव वालों ने बताया कि बुधवार सुबह मनीषा और उसके पति के बीच फिर बहस हुई थी। इसके बाद मनीष अपनी मां को इलाज के लिए ग्वालियर ले गया और रात तक घर नहीं लौटा। इसी दौरान रात में आगजनी की घटना हो गई।
परिवार ने जताई हत्या की आशंका
मनीषा के पिता कप्तान बघेल ने बताया कि बेटी और दामाद के बीच आए दिन विवाद और मारपीट होती रहती थी। उनका कहना है कि इतनी बड़ी घटना बिना कारण नहीं हो सकती। उन्होंने यह भी कहा कि हादसे के तुरंत बाद मनीष और उसकी मां घर से निकलकर आंतरी स्थित रिश्तेदारों के यहां चले गए।
पुलिस और फोरेंसिक टीम जांच में जुटी
डबरा एसडीओपी सौरभ सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच से ऐसा लग रहा है कि महिला ने खुद आग लगाई होगी, लेकिन फिलहाल कुछ भी साफ़ नहीं कहा जा सकता। गुरुवार को फोरेंसिक टीम मौके पर आकर विस्तृत जांच करेगी।
आर्थिक हालात भी कमजोर
परिजनों के मुताबिक, मनीष कोई स्थायी काम नहीं करता। कभी-कभी गाड़ी चलाकर रोज़गार करता है, जबकि घर का अधिकांश खर्च उसका छोटा भाई उठाता है, जो पुणे में नौकरी करता है।





