मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बार इजरायल ने यमन की राजधानी सना (Sana’a) पर बड़ा हवाई हमला किया है। राजधानी के कई इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाजें गूंजी और आसमान में धुएं के गुबार उठते देखे गए। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर मिसाइल दागने की जिम्मेदारी ली थी।
इजरायल का हवाई हमला: कई ठिकाने बने निशाना
सूत्रों और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक:
- इजरायली मिसाइलों ने सना के बिजली संयंत्र और गैस स्टेशन को निशाना बनाया।
- राष्ट्रपति भवन और एक बंद हो चुकी सैन्य अकादमी के पास भी धमाके हुए।
- घनी आबादी वाले सबीन स्क्वायर के आसपास भीषण विस्फोट और धुआं देखा गया।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि पूरे घर हिल गए। कई इमारतों की खिड़कियां टूट गईं और आसपास भारी नुकसान हुआ।
इजरायल की आधिकारिक प्रतिक्रिया अब तक नहीं
हालांकि स्थानीय लोगों और हूती मीडिया ने इन हमलों की पुष्टि की है, लेकिन इजरायली सरकार ने आधिकारिक तौर पर अपनी संलिप्तता की पुष्टि नहीं की है।
- यह हमला हूती विद्रोहियों की हालिया मिसाइल हमले की कोशिश को नाकाम किए जाने के कुछ ही दिन बाद हुआ।
- रविवार को हुए इन हमलों में अब तक किसी हताहत की खबर सामने नहीं आई है।
इजरायल-हूती संघर्ष की पृष्ठभूमि
- ईरान समर्थित हूती विद्रोही पिछले 22 महीनों से इजरायल और वाणिज्यिक जहाजों पर ड्रोन व मिसाइल हमले कर रहे हैं।
- हूतियों का दावा है कि यह अभियान फिलिस्तीनियों के समर्थन में चलाया जा रहा है।
- इन हमलों का सीधा असर वैश्विक व्यापार पर पड़ा है, क्योंकि लाल सागर से गुजरने वाले प्रमुख शिपिंग मार्ग बाधित हुए हैं।
- नवंबर 2023 से दिसंबर 2024 के बीच हूतियों ने 100 से अधिक जहाजों को निशाना बनाया।
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यमन की राजधानी पर हुआ यह हमला मध्य पूर्व में पहले से जारी अस्थिरता को और गहरा सकता है। हूतियों और इजरायल के बीच बढ़ता संघर्ष न केवल सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को भी प्रभावित कर रहा है। आने वाले दिनों में इस टकराव का क्या स्वरूप होगा, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।





