WinterTourism 2026 : शीतकालीन पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देने की पहल
रिपोर्ट: विनीत कंसवाल
उत्तरकाशी में शीतकालीन चारधाम यात्रा एवं पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों को वर्षभर रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से तीन दिवसीय विंटर टूरिज्म कॉन्क्लेव का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। यह कॉन्क्लेव शीतकालीन पर्यटन की संभावनाओं को सशक्त करने और उत्तराखंड को सालभर पर्यटन के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
WinterTourism 2026 : देशभर से 150 टूर ऑपरेटर्स की भागीदारी
कॉनक्लेव में एसोसिएशन ऑफ डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया (ADTOI) के सहयोग से देश के विभिन्न राज्यों से आए 50 टूर ऑपरेटर्स ने भाग लिया। इसके अलावा राज्य स्तर से 50 और स्थानीय स्तर से भी 50 टूर ऑपरेटर्स ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में होटल एसोसिएशन उत्तरकाशी एवं बड़कोट, ट्रैकिंग संगठन उत्तरकाशी और सांकरी के पंजीकृत प्रतिनिधियों की भी सक्रिय मौजूदगी रही। निम में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान शीतकालीन पर्यटन की संभावनाओं पर गहन मंथन किया गया।

WinterTourism 2026 : मुखबा, खरसाली और केदारकांठा का भ्रमण
तीन दिवसीय विंटर टूरिज्म कॉन्क्लेव के तहत देशभर से आए टूर ऑपरेटर्स मां गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखबा, मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली और सांकरी स्थित केदारकांठा ट्रैक बेस कैंप का भ्रमण करेंगे। इसका उद्देश्य इन स्थलों को शीतकालीन पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करना और पर्यटकों को सर्दियों में भी उत्तराखंड की ओर आकर्षित करना है।

WinterTourism 2026 : औपचारिक कार्यक्रम नहीं, पर्यटन को नई दिशा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विंटर टूरिज्म कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि यह सम्मेलन केवल एक औपचारिक संवाद नहीं, बल्कि उत्तराखंड के पर्यटन को नई दिशा देने का साझा प्रयास है। उन्होंने टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, होटल व्यवसायियों, होम-स्टे संचालकों, टैक्सी एवं ट्रांसपोर्ट यूनियन प्रतिनिधियों और एडवेंचर टूरिज्म से जुड़े लोगों का स्वागत और उत्साहवर्धन किया।

WinterTourism 2026 : उत्तराखंड बन सकता है “नेचुरल हीलिंग डेस्टिनेशन”
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश के बड़े शहर प्रदूषण, बढ़ते तापमान, ट्रैफिक और तनाव से जूझ रहे हैं। ऐसे में उत्तराखंड देश का एक “नेचुरल हीलिंग डेस्टिनेशन” बन सकता है। सरकार इसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड अब केवल चारधाम यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां वेलनेस, नेचर, एडवेंचर, संस्कृति, योग और मेडिटेशन जैसे विविध पर्यटन विकल्प मौजूद हैं। सरकार परमिशन प्रक्रिया को सरल बनाने, कनेक्टिविटी सुधारने और आधारभूत सुविधाओं के विकास पर भी लगातार काम कर रही है।





