भारत में बैंकों का एक निर्धारित अवकाश कार्यक्रम है, जिसमें हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार के अलावा रविवार और अन्य निर्धारित अवकाश शामिल होते हैं। यह प्रणाली 1 सितंबर 2015 को भारतीय बैंकों संघ (IBA), भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और भारतीय सरकार के बीच एक समझौते के बाद लागू की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य बैंक कर्मचारियों के कार्य-जीवन संतुलन को सुधारना और बैंकिंग संचालन को सरल बनाना था।
इस लेख में हम यह जानेंगे कि क्यों बैंकों के लिए हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश होता है? साथ ही, हम इसके इतिहास, कानूनी ढांचे और इसके पीछे के कारणों को भी समझेंगे। इसके अलावा, मार्च 2025 में बैंकों के अवकाश की पूरी सूची देखें।
क्या बैंकों में आज, 15 मार्च 2025 को काम हो रहा है?
आज, 15 मार्च 2025, माह का तीसरा शनिवार है। सामान्य बैंकिंग कार्यक्रम के अनुसार, बैंक पहले और तीसरे शनिवार को खुले रहते हैं। हालांकि, कुछ राज्यों में होली और याओसांग 2nd डे जैसे त्योहारों के कारण, बैंक आज कुछ क्षेत्रों में बंद रह सकते हैं, जैसे अगरतला (त्रिपुरा), भुवनेश्वर (ओडिशा), इंफाल (मणिपुर) और पटना (बिहार)। जबकि अन्य राज्यों, जैसे उत्तर प्रदेश, में बैंक अपने नियमित कार्य घंटों के अनुसार खुले रहते हैं और कार्यरत हैं।
2nd और 4th शनिवार बैंक हॉलिडे नियम: इतिहास
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने इस बदलाव की आधिकारिक घोषणा 28 अगस्त 2015 को की थी, जो कि भारतीय रिज़र्व बैंक के द्वारा जारी किए गए प्रेस विज्ञप्ति में था। इसके तहत, सभी निर्धारित और गैर-निर्धारित वाणिज्यिक बैंकों को हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रखने का आदेश दिया गया था, जबकि पहले, तीसरे और पांचवे शनिवार को वे खुले रहेंगे।
2015 से पहले, बैंक प्रत्येक शनिवार को खुले रहते थे, लेकिन दूसरे और चौथे शनिवार को आधे दिन के लिए ही काम करते थे। इससे ग्राहकों को बैंकिंग घंटों को लेकर उलझन होती थी और कर्मचारियों पर अतिरिक्त काम का दबाव बढ़ता था।
बैंक कर्मचारियों के बेहतर कार्य-जीवन संतुलन की मांग वर्षों से की जा रही थी। तकनीकी प्रगति और 24/7 ऑनलाइन बैंकिंग की सुविधाओं ने यह दबाव और बढ़ा दिया था कि कार्य Saturdays की संख्या को घटाया जाए, बिना बैंकिंग संचालन में किसी तरह की रुकावट के।





