Report by: Prashant Joshi, Edit by: Priyanshi Soni
Water Plant issue: काँकेर शहर में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के उद्देश्य से शुरू की गई महत्वाकांक्षी जल आवर्धन योजना अब किसानों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। शहरवासियों को जहां नियमित रूप से स्वच्छ पानी मिल रहा है, वहीं आसपास के गांवों के किसान इस योजना की भारी कीमत चुका रहे हैं।
Water Plant issue: खेतिहर जमीन पर पड़ा दुष्प्रभाव
काँकेर से करीब 8 किलोमीटर दूर दशपुर गांव में 10.50 एमएलडी क्षमता वाले जल शुद्धिकरण संयंत्र की स्थापना की गई थी। योजना के तहत महानदी के पानी को शुद्ध कर शहर और आसपास के इलाकों में सप्लाई की जा रही है। लेकिन संयंत्र से निकलने वाला केमिकल युक्त अपशिष्ट पानी बिना समुचित निकासी व्यवस्था के किसानों के खेतों में छोड़ा जा रहा है।
Water Plant issue: दलदल बने खेत, लाखों का नुकसान

हर दिन करीब 30 से 35 हजार लीटर केमिकल युक्त पानी खेतों में फैलने से जमीन दलदल में तब्दील हो चुकी है। किसान अब अपने खेतों में खेती करने में असमर्थ हैं। पानी की अधिकता से फसलें नष्ट हो रही हैं और मवेशियों के दलदल में फंसने से मौत के मामले भी सामने आ रहे हैं। इससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
Water Plant issue: मास्टर प्लान की कमी पर सवाल
स्थानीय किसानों का सवाल है कि संयंत्र की स्थापना से पहले केमिकल युक्त पानी की निकासी का कोई ठोस मास्टर प्लान क्यों नहीं बनाया गया। यदि योजना बनाई जाती, तो आज किसानों को इस संकट का सामना नहीं करना पड़ता।
Water Plant issue: प्रशासनिक चुप्पी से बढ़ा आक्रोश
किसानों का आरोप है कि उनकी समस्याओं को लेकर शासन और प्रशासन गंभीर नहीं है। अब तक न तो नुकसान का मुआवजा मिला है और न ही स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया है। इससे किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
Water Plant issue: न्याय की मांग
किसान मांग कर रहे हैं कि केमिकल युक्त पानी की सुरक्षित निकासी की व्यवस्था तत्काल की जाए और अब तक हुए नुकसान की भरपाई की जाए। सवाल यह है कि शासन-प्रशासन किसानों को न्याय दिलाने के लिए कब और क्या कदम उठाएगा, या फिर उन्हें उनके हाल पर ही छोड़ दिया जाएगा।





