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नाबालिग बलात्कार पीड़िताओं के लिए उत्तराखंड की नई स्कीम, पूरी जानकारी यहाँ

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नाबालिग बलात्कार पीड़िताओं के लिए उत्तराखंड की नई स्कीम, पूरी जानकारी यहाँ

उत्तराखंड सरकार ने नाबालिग बलात्कार पीड़िताओं, जो गर्भवती हैं, के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। महिला सशक्तिकरण और बाल विकास विभाग ने ऐसी पीड़िताओं को प्रतिमाह 4,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। विभाग के निदेशक प्रशांत आर्य ने बताया कि वर्तमान में राज्य में ऐसी 72 नाबालिग पीड़िताएं हैं। यह सहायता केवल नाबालिग लाभार्थियों के लिए है और उन पीड़िताओं को दी जाएगी जो विभाग से समर्थन मांगेंगी।

योजना के मुख्य बिंदु

  • आर्थिक सहायता: केंद्र सरकार ने प्रत्येक जिले के लिए 10 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया है। यह सहायता मातृत्व, नवजात और शिशु देखभाल के लिए प्रदान की जाएगी, जब तक कि पीड़िता 23 वर्ष की न हो जाए।
  • बाल देखभाल संस्थान: यदि पीड़िता बच्चे को पालने में असमर्थ है, तो बच्चे को केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) के नियमों के तहत बाल देखभाल संस्थान (CCI) में रखा जाएगा। बच्चे को 18 वर्ष की आयु तक राज्य द्वारा संचालित बाल गृह में पाला जाएगा, जहां आधार कार्ड और जन्म पंजीकरण जैसे आवश्यक दस्तावेज भी प्रदान किए जाएंगे।
  • अन्य सहायता: कुछ पीड़िताएं वर्तमान में अपने परिवारों के साथ रह रही हैं और अन्य योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता प्राप्त कर रही हैं। हालांकि, यह नई योजना विशेष रूप से पोक्सो एक्ट के तहत आने वाली गर्भवती नाबालिग पीड़िताओं के लिए है।

व्यापक सहायता व्यवस्था

प्रशांत आर्य ने बताया कि सरकार पीड़िताओं को हर संभव सहायता प्रदान करेगी, जिसमें शामिल हैं:

  • मनोवैज्ञानिक परामर्श: पीड़िताओं को मानसिक रूप से सशक्त बनाने के लिए।
  • कानूनी सहायता: मामले को अदालत में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए।
  • चिकित्सा सुविधा: गर्भावस्था और प्रसव के दौरान उचित स्वास्थ्य देखभाल।
  • शैक्षिक सहायता: पीड़िताओं की पढ़ाई को जारी रखने के लिए।
  • पुलिस समन्वय: जांच और सुरक्षा के लिए।

बाल संरक्षण को मजबूत करने की पहल

राज्य सरकार ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण दिशानिर्देशों के तहत 13 जिलों में सहायता पैनल स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की है। ये पैनल यौन शोषण का शिकार हुई नाबालिग लड़कियों, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की, को कानूनी, चिकित्सा और भावनात्मक सहायता प्रदान करेंगे। यह योजना राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के मॉडल दिशानिर्देशों के अनुरूप लागू की जा रही है।

नए बाल देखभाल संस्थानों की योजना

सरकार ने तीन और बाल देखभाल संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव केंद्र को भेजा है। इससे पीड़िताओं और उनके बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

सामाजिक जागरूकता और समर्थन

यह पहल न केवल पीड़िताओं को आर्थिक और भावनात्मक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि समाज में यौन शोषण के खिलाफ जागरूकता भी बढ़ाएगी। उत्तराखंड सरकार का यह प्रयास नाबालिग पीड़िताओं के जीवन को बेहतर बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

अधिक जानकारी के लिए: उत्तराखंड महिला सशक्तिकरण और बाल विकास विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।

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