जमैका के महान धावक यूसेन बोल्ट का 100 मीटर का विश्व रिकॉर्ड (9.58 सेकंड) अब खतरे में पड़ सकता है। वर्ल्ड एथलेटिक्स एक नए ट्रैक तकनीक पर विचार कर रहा है, जो धावकों को 9 सेकंड से कम समय में दौड़ पूरी करने में मदद कर सकता है।
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क्या है यह ‘सुपर ट्रैक’?
- ब्रिटेन की एक लैब में विकसित इस ट्रैक में एडवांस्ड सेंसर लगे हैं, जो धावकों को रीयल-टाइम डेटा देते हैं।
- यह मौजूदा ट्रैक्स की तुलना में 20% अधिक ऊर्जा वापस लौटाता है, जिससे स्पीड बढ़ सकती है।
- परियोजना की प्रमुख अल्विना चेन का दावा: “हमारा ट्रैक एथलेटिक्स को नए युग में ले जाएगा।”

क्या बोल्ट का रिकॉर्ड टूट जाएगा?
- 2008 से अब तक कोई भी धावक बोल्ट के 9.58 सेकंड के करीब भी नहीं पहुंच पाया।
- लेकिन अगर वर्ल्ड एथलेटिक्स इस ट्रैक को मंजूरी देता है, तो रिकॉर्ड तोड़ने की रेस शुरू हो सकती है।
- ब्रिटिश कोच डैरेन कैंपबेल का कहना: “तकनीक के बिना एथलेटिक्स आगे नहीं बढ़ सकता।”
क्या होगा अगर नियम बदल गए?
- अगर नया ट्रैक स्वीकृत होता है, तो पुराने रिकॉर्ड्स को नए सिस्टम से तुलना करना मुश्किल होगा।
- क्या बोल्ट का ऐतिहासिक रिकॉर्ड अलग श्रेणी में डाल दिया जाएगा? या फिर इसे “टेक्नोलॉजी युग” के रिकॉर्ड्स से हटा दिया जाएगा?
विवाद क्यों?
- पारंपरिक एथलीट्स का कहना है कि तकनीक की मदद से बना रिकॉर्ड असली प्रतिभा को नहीं दर्शाता।
- वहीं, वैज्ञानिकों का तर्क: “खेलों को भी तकनीक के साथ आगे बढ़ना चाहिए।”
अब सवाल यह है:
“क्या यूसेन बोल्ट का रिकॉर्ड इतिहास बन जाएगा? या वर्ल्ड एथलेटिक्स नए ट्रैक को मंजूरी देकर एथलेटिक्स को हमेशा के लिए बदल देगा?”




