US-Iran Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच 15 दिनों के लिए लागू सीजफायर के बाद अब दोनों देश 10 अप्रैल शुक्रवार को इस्लामाबाद में आमने-सामने बातचीत करेंगे। यह घोषणा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए की। उन्होंने बताया कि अमेरिका, ईरान और उनके सहयोगी, लेबनान समेत अन्य जगहों पर तुरंत युद्ध विराम के लिए तैयार हैं।
US-Iran Ceasefire: सीजफायर तत्काल प्रभाव से लागू
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बताया कि दोनों पक्षों ने समझदारी और संयम दिखाते हुए तत्काल प्रभाव से सीजफायर लागू कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह कदम विवादों के स्थायी समाधान और क्षेत्र में शांति-स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए अहम है। पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए दोनों देशों के बीच वार्ता के लिए रास्ता आसान किया है।
US-Iran Ceasefire: ईरान की प्रतिक्रिया और चेतावनी
With the greatest humility, I am pleased to announce that the Islamic Republic of Iran and the United States of America, along with their allies, have agreed to an immediate ceasefire everywhere including Lebanon and elsewhere, EFFECTIVE IMMEDIATELY.
— Shehbaz Sharif (@CMShehbaz) April 7, 2026
I warmly welcome the…
ईरान सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने भी सीजफायर को मंजूरी दे दी है और शुक्रवार से इस्लामाबाद में वार्ता होने की पुष्टि की। हालांकि, परिषद ने जोर देकर कहा कि इसका मतलब युद्ध का स्थायी अंत नहीं है। परिषद ने स्पष्ट किया कि ईरान की सेनाएं किसी भी गलती पर तुरंत जवाब देने के लिए तैयार रहेंगी।
US-Iran Ceasefire: ट्रंप की चेतावनी और शर्तें
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरान पर हमलों को फिलहाल रोक रहे हैं, बशर्ते ईरान 2 हफ्तों के लिए सीजफायर का पालन करे और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को सुरक्षित खोलने पर सहमत हो। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर शर्तें पूरी नहीं हुईं तो परिणाम गंभीर हो सकते हैं।
US-Iran Ceasefire: ईरान की मुख्य शर्तें
पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को पेश किए गए ईरान के प्रस्ताव में प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में ईरान के साथ समन्वय के तहत नियंत्रित आवाजाही, पूरी तरह ईरान का नियंत्रण।
- अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान समर्थित समूहों के खिलाफ सभी हमलों को रोकें।
- मिडिल-ईस्ट के सभी ठिकानों और चौकियों से अमेरिकी सेना की वापसी।
- युद्ध के दौरान ईरान को हुए नुकसान का अमेरिका द्वारा मुआवजा।
- ईरान पर लगे सभी पुराने और नए प्रतिबंध हटा दिए जाएं।
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के ईरान के खिलाफ सभी प्रस्ताव रद्द किए जाएं।
- विदेशों में फ्रीज की गई ईरान की संपत्तियों को वापस किया जाए।
- सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों को बाध्यकारी मानकर लागू किया जाए।





