तमिल बनाम तेलुगु अस्मिता: चुनाव में दक्षिण भारत के दो दिग्गजों की टक्कर
By: Vijay Nandan
नई दिल्ली: देश के अगले उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए मंगलवार को मतदान होगा। इस बार मुकाबला सत्तारूढ़ बीजेपी नीत एनडीए के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन और विपक्षी INDIA गठबंधन के प्रत्याशी बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच है। दोनों ही खेमे अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत को लेकर आश्वस्त दिखाई दे रहे हैं।
बीजेपी का फोकस – जीत सुनिश्चित करने की तैयारी
भारतीय जनता पार्टी इस चुनाव को हल्के में नहीं ले रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पार्टी सांसदों के साथ एक लंबी वर्कशॉप में हिस्सा लिया, जो छह घंटे से अधिक चली। इस दौरान सांसदों को मतदान प्रक्रिया और अनुशासन पर स्पष्ट निर्देश दिए गए। दो दिनों में ही बीजेपी ने उपराष्ट्रपति चुनाव से जुड़ी छह बैठकें कर डालीं, जिनमें सभी सांसदों को मतदान के हर पहलू की जानकारी दी गई।
दक्षिण भारत बना चुनावी विमर्श का केंद्र
एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल और तमिलनाडु के वरिष्ठ भाजपा नेता सी.पी. राधाकृष्णन को मैदान में उतार कर दक्षिण भारतीय नेतृत्व को आगे रखा है। दूसरी ओर, INDIA गठबंधन ने तेलुगु पहचान को प्राथमिकता देते हुए पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बी. सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाया है। विपक्षी खेमे का प्रयास है कि इस कदम से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की पार्टियों, खासकर वाईएसआरसीपी, को साथ जोड़ा जाए।
हालांकि, वाईएसआरसीपी प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी पहले ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को एनडीए प्रत्याशी के समर्थन का आश्वासन दे चुके हैं।

एक नजर सी.पी. राधाकृष्णन के करियर पर
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने एनडीए की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में सी.पी. राधाकृष्णन के नाम की घोषणा की। वे इस समय महाराष्ट्र के 24वें राज्यपाल हैं और दक्षिण भारत में उन्हें “तमिलनाडु का मोदी” कहा जाता है।
परिचय
सी.पी. राधाकृष्णन (पूरा नाम – चन्द्रपुरम पोनुस्वामी राधाकृष्णन) तमिलनाडु मूल के नेता हैं। 31 जुलाई 2024 से वे महाराष्ट्र के राज्यपाल पद पर कार्यरत हैं। उनका राजनीतिक सफर लगभग चार दशकों से अधिक का है।
जन्म व शिक्षा
उनका जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पुर में हुआ। पिता सी.के. पोन्नुसामी और माता के. जानकी अम्मल ने उन्हें राष्ट्रीय सेवा और नेतृत्व के संस्कार दिए। उन्होंने वी.ओ. चिदंबरम कॉलेज (तूतीकोरिन) से व्यवसाय प्रशासन (बी.बी.ए.) में स्नातक की पढ़ाई पूरी की।
खेलों में रुचि
कॉलेज के दिनों में वे टेबल टेनिस के चैंपियन रहे और लंबी दौड़, वॉलीबॉल व क्रिकेट जैसे खेलों में भी सक्रिय थे।
राजनीतिक यात्रा
सिर्फ 16 वर्ष की उम्र में उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़कर सामाजिक-राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। बाद में जनसंघ और फिर भाजपा में सक्रिय हुए।
चुनावी उपलब्धियां
राधाकृष्णन ने 1998 और 1999 में कोयम्बटूर (तमिलनाडु) से दो बार लोकसभा चुनाव जीते। हालांकि, उन्हें तीन बार पराजय का सामना भी करना पड़ा। 2003 से 2006 तक वे तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे।
संगठनात्मक व संवैधानिक अनुभव
भाजपा के संगठन में उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। महाराष्ट्र के अलावा वे झारखंड (फरवरी 2023–जुलाई 2024) के राज्यपाल रह चुके हैं। मार्च से जुलाई 2024 तक तेलंगाना के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार संभाला और अगस्त 2024 तक पुदुचेरी के उपराज्यपाल भी रहे।
विशिष्टताएं
राधाकृष्णन दक्षिण भारत के पहले ओबीसी नेता हैं, जिन्हें उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकित किया गया है। वे भारतीय नदियों के एकीकरण, आतंकवाद विरोध, समान नागरिक संहिता, नशा-मुक्ति और अस्पृश्यता उन्मूलन जैसे मुद्दों पर व्यापक जन-आंदोलन कर चुके हैं। उनकी 19,000 किलोमीटर लंबी ‘रथ यात्रा’ चर्चित रही।
अंतरराष्ट्रीय अनुभव
वे भारत की ओर से संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित कर चुके हैं। इसके अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, इटली, जापान, चीन, तुर्की, सिंगापुर और कई यूरोपीय व एशियाई देशों की यात्रा कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय रहे हैं।
लंबे संगठनात्मक अनुभव, संसदीय कार्य और संवैधानिक पदों पर सक्रिय भूमिका के कारण सी.पी. राधाकृष्णन को एक सशक्त व सर्वमान्य उपराष्ट्रपति उम्मीदवार माना जा रहा है।
INDIA ब्लॉक की तरफ से पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बी. सुदर्शन रेड्डी उम्मीदवार
विपक्षी गठबंधन INDIA (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) की तरफ से उपराष्ट्रपति चुनाव में पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी मैदान में हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनका नाम घोषित किया।
रेड्डी का जन्म 8 जुलाई 1946 को तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में हुआ। उन्होंने ओस्मानिया विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की और 1971 में आंध्र प्रदेश बार काउंसिल में नामांकन कराया। न्यायिक करियर की शुरुआत के बाद वे आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश बने। इसके बाद 2005 में उन्हें गुवाहाटी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। 2007 से 2011 तक वे भारत के सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश रहे। 2013 में गोवा के पहले लोकायुक्त के रूप में भी उन्होंने कार्यभार संभाला था।
उम्मीदवारी की घोषणा के बाद बी. सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए है। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण के लिए वोट करें।

INDIA ब्लॉक के नेताओं ने उन्हें “ईमानदार और संवैधानिक मूल्यों के रक्षक” के रूप में पेश किया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी उनका समर्थन जताया है।
गौरतलब है कि इससे पहले NDA ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को अपने उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में नामित किया है। अब 2025 के उपराष्ट्रपति चुनाव में बी. सुदर्शन रेड्डी और सी.पी. राधाकृष्णन के बीच सीधा मुकाबला होगा।





