Report: Anmol kumar shrivastva
Unnao Cyber Fraud Gang Arrested साइबर अपराध पर लगाम कसने की दिशा में उन्नाव पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। साइबर क्राइम थाना उन्नाव और कोतवाली सदर पुलिस की संयुक्त टीम ने संगठित तरीके से ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के छह मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है।
पकड़े गए आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल होने वाले 9 महंगे स्मार्टफोन बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी की रकम वाले संदिग्ध बैंक खातों में जमा ₹1,00000 (एक लाख रुपये) की राशि को तत्काल फ्रीज करा दिया है।
Unnao Cyber Fraud Gang Arrested देशव्यापी शिकायतों (NCRP पोर्टल) से खुला ठगी का राज
पुलिस कमिश्नरेट और साइबर सेल से मिली जानकारी के अनुसार, इस संगठित गिरोह का जाल देश के कई राज्यों में फैला हुआ था:
- म्यूल अकाउंट का खेल: जांच में यह बात सामने आई कि ये आरोपी विभिन्न राज्यों के लोगों से ठगी गई रकम को ठिकाने लगाने के लिए ‘म्यूल अकाउंट’ (फर्जी या किराए के बैंक खाते) उपलब्ध कराते थे।
- कमीशन का खेल: यह गिरोह चेक, कैश, यूपीआई (UPI) और अन्य डिजिटल माध्यमों से ठगी की रकम को इन संदिग्ध खातों में ट्रांसफर करवाता था और फिर तय कमीशन के आधार पर रकम की निकासी करता था। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज देशव्यापी शिकायतों की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस इस गिरोह तक पहुंचने में सफल रही।
Unnao Cyber Fraud Gang Arrested सीसीटीवी फुटेज और बैंक स्टेटमेंट से दबोचे गए आरोपी
साइबर क्राइम थाना के उपनिरीक्षक सुभाषचंद्र की तहरीर पर कोतवाली सदर में आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों को जुटाना शुरू किया:
- तकनीकी साक्ष्य: पुलिस टीम ने संदिग्ध बैंक खातों के स्टेटमेंट खंगाले और जिन एटीएम (ATM) से पैसे निकाले गए थे, वहां के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की बारीकी से जांच की।
- घेराबंदी कर दबोचा: पुख्ता सबूत मिलने के बाद संयुक्त टीम ने छापेमारी कर गिरोह के छह सदस्यों को धर दबोचा।
Unnao Cyber Fraud Gang Arrested गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल और विवरण
| आरोपी का नाम और उम्र | निवासी/थाना क्षेत्र |
| आकाशदीप सोनी (29 वर्ष) | कलेक्टरगंज, कोतवाली सदर, उन्नाव |
| संदर्भ कुमार मिश्रा (38 वर्ष) | आवास विकास कॉलोनी, थाना दही, उन्नाव |
| फैजान अशरफ (35 वर्ष) | जेर खिड़की, कोतवाली सदर, उन्नाव |
| नीरज कुशवाहा (35 वर्ष) | रानीपुर (पोस्ट कांथा), थाना असोहा, उन्नाव |
| सोम तिवारी (30 वर्ष) | आवास विकास कॉलोनी, थाना दही, उन्नाव |
| अभिज्ञान चौधरी उर्फ आर्यन (28 वर्ष) | नई बस्ती (कुटवा छठामील), थाना बक्शी का तालाब, लखनऊ |
Unnao Cyber Fraud Gang Arrested अन्य संदिग्ध खातों की जांच जारी, बढ़ सकती है जब्ती
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह इस गिरोह पर शुरुआती कार्रवाई है। पकड़े गए आरोपियों से मिली डायरी, व्हाट्सएप चैट और मोबाइल डेटा के आधार पर कई अन्य बैंक खातों की भी पहचान की गई है:
- बैंकों से मांगा ब्यौरा: पुलिस ने संबंधित बैंकों से अन्य संदिग्ध खातों का ट्रांजैक्शन ऑडिट मांगा है, जिससे आने वाले दिनों में फ्रीज की गई रकम का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
- विधिक कार्रवाई: सभी छह आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेजने की विधिक कार्रवाई की जा रही है, साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य फरार कड़ियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
पुलिस की अपील: साइबर सेल ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते या एटीएम कार्ड का विवरण साझा न करें और न ही लालच में आकर अपने खाते का उपयोग किसी अन्य के पैसे के लेन-देन के लिए होने दें। ऐसा करना आपको अनजाने में साइबर अपराधियों का मददगार (म्यूल अकाउंट होल्डर) बना सकता है, जो कि एक गंभीर दंडनीय अपराध है।





