Report: Anmol
Unnao उत्तर प्रदेश के उन्नाव में जालसाजों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने जिले के जेल अधीक्षक को ही अपना निशाना बना लिया। बेटी का मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराने के नाम पर साइबर ठगों ने जेल अधीक्षक से 4 महीनों के भीतर ₹50 लाख की मोटी रकम डकार ली।
जस्ट डायल से मिला ठगों का सुराग, झांसे में आए अधिकारी
Unnao जिला जेल में तैनात अधीक्षक पंकज कुमार सिंह अपनी बेटी का नीट (NEET) काउंसलिंग के जरिए मेडिकल कॉलेज में प्रवेश कराना चाहते थे। मदद के लिए उन्होंने ‘जस्ट डायल’ (Just Dial) पोर्टल का सहारा लिया, जहाँ उनका संपर्क ‘स्टडी पाथवे कंसल्टेंसी’ के संचालक अभिनव शर्मा से हुआ। आरोपी ने खुद को एक्सपर्ट बताते हुए बाराबंकी के प्रतिष्ठित ‘हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ में सीट पक्की कराने का भरोसा दिया और जाल बिछाना शुरू कर दिया।

किस्तों में वसूल लिए लाखों रुपये, बैंक ड्राफ्ट और RTGS का खेल
Unnao पंकज कुमार सिंह के अनुसार, ठगों ने एडमिशन की प्रक्रिया के नाम पर अलग-अलग समय पर पैसों की मांग की। अभिनव शर्मा के कहने पर पीड़ित ने ₹20 लाख के दो बैंक ड्राफ्ट तैयार करवा कर दिए। इसके बाद, 24 अक्टूबर 2025 को लखनऊ के गोमती नगर स्थित कोटक महिंद्रा बैंक के एक खाते में ₹30 लाख की राशि RTGS के जरिए ट्रांसफर की गई। कुल ₹50 लाख का भुगतान होने के बाद जब एडमिशन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी, तो शक गहराया।
दफ्तर पर लटका ताला और पोर्टल से जानकारी गायब
Unnao ठगी का अहसास तब हुआ जब आरोपी अभिनव शर्मा का मोबाइल नंबर बंद आने लगा। जेल अधीक्षक जब लखनऊ स्थित विजयंत खंड वाले दफ्तर पहुँचे, तो वहाँ ताला लटका मिला। जांच में सामने आया कि यह एक संगठित गिरोह है जो फर्जी ऑफिस और खातों के जरिए लोगों को लूटता है। हैरानी की बात यह है कि घटना के बाद जस्ट डायल पोर्टल से भी उक्त कंसल्टेंसी की सारी जानकारी हटा दी गई है। फिलहाल, सदर कोतवाली में अभिनव शर्मा और संतोष कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और साइबर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
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