नई दिल्लीः भारत ने 5 साल पहले सोशल प्लेटफार्म एप टिक-टॉक को बैन कर दिया था। इसके साथ ही सैकड़ों सोशल प्लेटफार्म एप को भी बैन कर दिया गया था। इसी तर्ज पर अमेरिका ने भी टिक-टॉक को बैन कर दिया है। इसके साथ ही प्ले स्टोर ने भी एप को हटा दिया है। इसके लिए टिक-टॉक के प्रमोटरों ने सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हुई थी। जिसे सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है। बता दें कि अमेरिका में टिक-टॉक के 17 करोड़ यूजर है।
ऐप खोलने पर मिल रहा ये संदेश
ष्माफ कीजिएए टिक.टॉक फिलहाल के लिए उपलब्ध नहीं है। टिक.टॉक पर प्रतिबंध लगाने के लिए अमेरिका में कानून आ चुका है। यानी अब आप टिक.टॉक का उपयोग नहीं कर पाएंगे। हम भाग्यशाली हैं कि प्रेसिडेंट ट्रंप ने इस मामले में हमारे साथ मिलकर कोई हल निकालने की बात कही है।
बैन का कारण
शनिवार को ही अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टिक.टॉक पर प्रतिबंध लगाने के फैसले को बरकरार रखा था। राष्ट्रीय सुरक्षा को आधार मानकर इस ऐप पर प्रतिबंध लगाया गया है। बता दें कि पिछले साल यूएस कांग्रेस ने एक कानून पास किया था जिसमें टिक.टॉक की पैतृक कंपनी बाइटडांस को अमेरिकी ऑपरेशन किसी अप्रुव्ड खरीददार को बेचने के लिए 9 महीने दिए गए थे। ऐसा न करने पर उस पर बैन लगाने की बात कही गई थी।
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