Taj Mahal Cleanliness: विश्व धरोहर ताजमहल के आसपास साफ-सफाई व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद आगरा नगर निगम ने कड़ा कदम उठाया है। निरीक्षण में उजागर हुई अव्यवस्थाओं के आधार पर नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने सफाई कार्य की जिम्मेदार एजेंसी पर दो लाख पचास हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। यह कार्रवाई ताजमहल की गरिमा और शहर की वैश्विक छवि को ध्यान में रखते हुए की गई है।
Taj Mahal Cleanliness: निरीक्षण में खुली पोल
सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने ताजगंज क्षेत्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान देश-विदेश से आए बड़ी संख्या में पर्यटकों की मौजूदगी के बावजूद सफाई व्यवस्था बदहाल पाई गई। अनुबंध के तहत तय मानकों का पालन नहीं हो रहा था, जो सीधे तौर पर गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

कई स्तर पर मिली गंदगी
निरीक्षण के दौरान कई चिंताजनक तथ्य सामने आए। ताजमहल क्षेत्र में लगाए गए डस्टबिन के बाहर कूड़ा बिखरा मिला। पश्चिमी गेट पर दोपहर के समय सफाईकर्मी अनुपस्थित रहे, जिससे पूरे इलाके में गंदगी फैल गई। पूर्वी गेट के सामने, टिकट काउंटर के आसपास और दुकानों के पास भी कचरे के ढेर दिखाई दिए। इसके अलावा साइड डिवाइडर पर की गई प्रूनिंग का ग्रीन वेस्ट सड़क पर ही छोड़ा गया, जिसे समय पर नहीं हटाया गया।
अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन
पर्यटकों की अधिक भीड़ के बावजूद एजेंसी की ओर से कोई अतिरिक्त या विशेष सफाई व्यवस्था नहीं की गई। यह सीधे तौर पर अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन माना गया। इस लापरवाही से न केवल नगर निगम की साख प्रभावित हुई, बल्कि आगरा आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों में भी शहर को लेकर नकारात्मक संदेश गया।

नगर आयुक्त का सख्त संदेश
नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने स्पष्ट कहा कि ताजमहल देश की पहचान है और उसकी स्वच्छता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने एजेंसी को सात दिनों के भीतर जुर्माने की राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराई गई तो कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें अनुबंध निरस्तीकरण तक शामिल हो सकता है।
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Taj Mahal Cleanliness: ताजमहल जैसे विश्व प्रसिद्ध स्मारक के आसपास गंदगी न केवल प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीक है, बल्कि यह भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को भी नुकसान पहुंचाती है। नगर निगम की यह सख्त कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि सार्वजनिक विरासत की स्वच्छता के साथ कोई समझौता नहीं होगा। अब देखने वाली बात यह होगी कि संबंधित एजेंसी चेतावनी से सबक लेकर व्यवस्था सुधारती है या भविष्य में और कठोर कदम उठाने पड़ते हैं।





