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Swadesh Agenda: नरवणे की किताब पर संसद में घमासान, बजट सत्र में सरकार–विपक्ष आमने-सामने

Swadesh Agenda

By: Pramod Shrivastav

Swadesh Agenda में आज हम बात करेंगे संसद के दोनों सदनों में जारी तीखी तकरार की, पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की कथित किताब को लेकर छिड़े सियासी विवाद की और उस गतिरोध की, जिसके चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन टल गया है। बजट सत्र के बीच किताब और ट्रेड डील को लेकर पक्ष–विपक्ष की लड़ाई लगातार तेज होती जा रही है, जिससे संसद की कार्यवाही प्रभावित हो रही है।

Swadesh Agenda: किताब के अंश बने सियासी हथियार

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार गहराता जा रहा है। पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब के कथित अंश सामने आने के बाद विवाद और बढ़ गया है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में बोलेंगे तो वे उन्हें यह किताब सौंपेंगे।

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री मोदी को लोकसभा में जवाब देना था, लेकिन हंगामे के कारण कार्यवाही स्थगित हो गई और उनका भाषण टल गया। विपक्ष की नजर इस बात पर टिकी है कि पीएम मोदी अपने संबोधन में नरवणे की किताब पर कुछ बोलेंगे या नहीं। इसी बीच राहुल गांधी को लगातार दूसरे दिन सदन में बोलने की अनुमति नहीं दी गई, जिससे कांग्रेस ने तीखा विरोध जताया है।

हंगामे के बाद कांग्रेस और CPI(M) के आठ सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। इन पर संसदीय समितियों की बैठकों और भत्तों में शामिल होने पर भी रोक लगा दी गई है। बजट सत्र के बीच जारी गतिरोध में प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन बेहद अहम माना जा रहा है।

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Swadesh Agenda: लोकसभा में हंगामा, आठ सांसद निलंबित

बीते दो दिनों से लोकसभा में भारी हंगामा देखने को मिला, जिसके कारण कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद 8 सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया। इन सांसदों पर सचिव-जनरल की टेबल पर चढ़ने, कागज फाड़ने और आसन की ओर उछालने का आरोप है।

निलंबित सांसदों में गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, मणिकम टैगोर, प्रशांत पडोले, चमाला किरण कुमार रेड्डी और CPI(M) सांसद एस. वेंकटेशन शामिल हैं। इन सभी पर लोकसभा नियम 374 के तहत कार्रवाई की गई है।

इसी दौरान राहुल गांधी ने 2020 के भारत-चीन विवाद से जुड़े नरवणे की किताब के कथित अंशों का हवाला देने की कोशिश की, जिस पर स्पीकर ने आपत्ति जताई। इसके बाद राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर विरोध दर्ज कराया और कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे पर उन्हें बोलने से रोकना लोकतंत्र पर धब्बा है। उन्होंने दावा किया कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया गया।

सरकार का तीखा पलटवार

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि संसद नियमों से चलती है, किसी की मर्जी से नहीं। रिजिजू ने कहा कि अगर सांसद टेबल पर चढ़कर कागज फेंकेंगे तो संसद कैसे चलेगी। उन्होंने संसद को “लोकतंत्र का मंदिर” बताते हुए कहा कि यह नाचने-कूदने की जगह नहीं है।

Swadesh Agenda: राहुल गांधी के आरोप और नरवणे की किताब

प्रधानमंत्री के भाषण के टलने के बाद राहुल गांधी ने संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब पीएम मोदी सदन में बोलेंगे, तब वे उन्हें नरवणे की किताब देंगे। उन्होंने किताब के कथित अंशों का हवाला देते हुए कहा कि इसमें विस्तार से लिखा गया है कि 2020 में चीन सीमा विवाद के दौरान क्या हुआ था।

राहुल गांधी के अनुसार, जनरल नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को फोन कर बताया था कि कैलाश रीज पर चीनी टैंक आ गए हैं, लेकिन शुरुआती जवाब नहीं मिला। बाद में कई वरिष्ठ नेताओं और NSA से बात हुई, लेकिन स्पष्ट निर्देश नहीं आया। राहुल का दावा है कि सेना उस समय कार्रवाई करना चाहती थी, लेकिन प्रधानमंत्री ने संदेश दिया कि “जो उचित समझो, वही करो।”

Swadesh Agenda: संसद के बाहर भी गरमाई राजनीति

संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक हुई। राहुल ने बिट्टू को “गद्दार” कहा और उनसे हाथ मिलाने की कोशिश की, लेकिन बिट्टू ने यह कहते हुए मना कर दिया कि उनका देश के दुश्मनों से कोई लेना-देना नहीं है।

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आगे क्या होगा?

बजट सत्र के दौरान ट्रेड डील और नरवणे की किताब को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा है। पीएम मोदी का संबोधन टल चुका है और अब सभी की नजर इस बात पर है कि वे कब और क्या बोलते हैं। विपक्ष पूरी तैयारी के साथ सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है, जबकि सरकार नियमों के उल्लंघन का आरोप लगा रही है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस सियासी टकराव का पटाक्षेप कैसे होता है।

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