Report by: Manish Singh, Edit by: Priyanshi Soni
Sukma Maoist surrender: छत्तीसगढ़ शासन की “पूना मार्गेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान के तहत जिले में सक्रिय PLGA बटालियन, दक्षिण बस्तर डिवीजन, माड़ डिवीजन एवं AOB क्षेत्र से जुड़े 26 हार्डकोर माओवादी कैडरों ने रक्षित आरक्षी केंद्र, सुकमा में आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पित माओवादी में CYPCM, DVCM, PPCM, ACM और पार्टी मेंबर जैसे बड़े रैंक शामिल हैं। कई कैडर IED ब्लास्ट, एम्बुश और पुलिस मुठभेड़ों में शामिल रहे। टेकलगुड़ा, मिनपा और सोनाबेड़ा जैसे बड़े हमलों में शामिल नाम भी सूची में हैं।
Sukma Maoist surrender: सुरक्षा बलों के दबाव से कमजोर हुआ संगठन
अंदरूनी इलाकों में लगातार नए सुरक्षा कैंप, तेज नक्सल ऑपरेशन और खुफिया नेटवर्क के मजबूत होने से माओवादी संगठन अब समाप्ति की ओर है।

Sukma Maoist surrender: वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आत्मसमर्पण
पुलिस अधीक्षक सुकमा सहित CRPF, DRG, कोबरा और इंटेलिजेंस विंग के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष यह आत्मसमर्पण हुआ।
Sukma Maoist surrender: हर कैडर को मिलेगा लाभ
छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति–2025 के तहत आत्मसमर्पित हर माओवादी को 50,000 रुपए प्रोत्साहन राशि, घोषित इनाम राशि, पुनर्वास, रोजगार और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।
पुलिस का संदेश
पुलिस ने स्पष्ट किया कि हिंसा छोड़ें और शांति एवं विकास का रास्ता अपनाएं। “पूना मार्गेम” अभियान से जुड़कर सुरक्षित भविष्य बनाएं।
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