BY: Yoganand Shrivastva
पटना | आज पटना एम्स में चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह से ठप रहीं। यहां के रेजिडेंट डॉक्टरों ने एकदिवसीय हड़ताल का एलान किया है। सुबह 9 बजे से ही आउट पेशेंट डिपार्टमेंट (OPD) और इमरजेंसी सेवाएं बंद कर दी गईं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
क्यों की गई हड़ताल?
इस हड़ताल की मुख्य वजह एक अप्रिय घटना है, जिसमें बिहार के शिवहर से विधायक चेतन आनंद, उनकी पत्नी डॉ. आयुषी सिंह और उनके सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। आरोप है कि इन लोगों ने अस्पताल परिसर में जबरन घुसकर सुरक्षा कर्मचारियों के साथ मारपीट की और रेजिडेंट डॉक्टरों को जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, सुरक्षाकर्मियों ने अस्पताल परिसर में हथियार भी लहराए।
RDA ने जताई नाराज़गी
पटना एम्स रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए विरोधस्वरूप आज की हड़ताल का निर्णय लिया। डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल एक संवेदनशील स्थान है और इस तरह की घटनाएं न केवल स्वास्थ्य सेवा को बाधित करती हैं, बल्कि डॉक्टरों की सुरक्षा को भी खतरे में डालती हैं।
NAFORD का समर्थन
NAFORD, जो कि देशभर के एम्स और INI संस्थानों में कार्यरत रेजिडेंट डॉक्टरों का एक राष्ट्रीय संगठन है, उसने पटना एम्स के डॉक्टरों के आंदोलन को समर्थन दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संगठन ने लिखा – “हम इस हमले की कड़ी निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई हो। डॉक्टरों की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। यह सिर्फ डॉक्टरों पर हमला नहीं है, यह पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर हमला है।”
एफआईआर दर्ज, जांच शुरू
घटना के बाद एम्स प्रशासन ने विधायक चेतन आनंद, उनकी पत्नी और दो सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ फुलवारी शरीफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कहा है कि सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जाएगी।
क्या है NAFORD?
NAFORD (National Federation of Resident Doctors) एक ऐसा संगठन है जो देशभर के AIIMS और Institute of National Importance (INI) संस्थानों के रेजिडेंट डॉक्टरों के हितों की रक्षा और आवाज उठाने का काम करता है। यह संगठन स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा, कार्य की शुचिता और डॉक्टरों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहता है।