Report: Suresh kumar
Singrauli निगाही स्थित डिपोल विद्यालय में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह उस वक्त विवादों में घिर गया, जब ध्वजारोहण के दौरान तिरंगा उल्टा फहरा दिया गया। राष्ट्र के गौरव और सम्मान से जुड़ी इस गंभीर लापरवाही का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिसके बाद स्थानीय नागरिकों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है।

लापरवाही की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल
Singrauli 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर जहाँ पूरा देश देशभक्ति के रंग में डूबा था, वहीं डिपोल विद्यालय में केसरिया रंग की पट्टी नीचे और हरे रंग की पट्टी ऊपर कर ध्वजारोहण कर दिया गया। मौके पर मौजूद लोगों ने इस दृश्य को अपने कैमरों में कैद कर लिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन वीडियो ने जिले के प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान भी इस ओर खींचा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जिम्मेदार शिक्षकों की मौजूदगी में ऐसी बुनियादी और अक्षम्य गलती कैसे हो सकती है?
स्थानीय लोगों में आक्रोश और पुलिस में शिकायत
Singrauli तिरंगे के अपमान की खबर फैलते ही स्थानीय लोग विद्यालय के बाहर और सोशल मीडिया पर अपना विरोध दर्ज कराने लगे। नागरिकों का कहना है कि यह केवल एक गलती नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सम्मान का अपमान है। स्थानीय लोगों ने आधिकारिक तौर पर इस मामले की शिकायत दर्ज कराई है। लोगों की मांग है कि राष्ट्रीय गौरव के प्रतीकों के प्रति इतनी घोर संवेदनहीनता दिखाने वाले प्रधानाध्यापक और संबंधित शिक्षकों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए।
प्रशासनिक कार्रवाई और नियमों का उल्लंघन
Singrauli भारतीय ध्वज संहिता (Flag Code of India) के अनुसार, तिरंगे को उल्टा फहराना एक दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। जिला प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच के संकेत दिए हैं। बुद्धिजीवियों का मानना है कि यदि शिक्षण संस्थानों में ही राष्ट्रीय ध्वज की मर्यादा का ध्यान नहीं रखा जाएगा, तो आने वाली पीढ़ी को क्या संस्कार मिलेंगे? अब सबकी नजरें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर चूक के लिए विद्यालय प्रबंधन पर क्या एक्शन लेता है।





