BY
Yoganand Shrivastava
Gangtok : उत्तर-पूर्वी राज्य सिक्किम में शुक्रवार की सुबह भूकंप के दो क्रमिक झटकों से लोग सहम गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, तड़के आए इन झटकों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.6 और 2.7 दर्ज की गई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस प्राकृतिक हलचल से अब तक किसी भी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
Gangtok भूकंप का समय और केंद्र
अधिकारियों ने बताया कि दोनों भूकंपों का केंद्र गंगटोक के आसपास ही था:
- पहला झटका: सुबह 4:26 बजे आया, जिसकी तीव्रता 3.6 थी। इसका केंद्र गंगटोक से 10.7 किमी उत्तर-पश्चिम में जमीन से 5 किमी की गहराई पर था।
- दूसरा झटका: कुछ ही देर बाद महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता 2.7 रही। यह शहर से 11.2 किमी पश्चिम में 10 किमी की गहराई पर केंद्रित था।
Gangtok क्यों थरथराती है जमीन? (वैज्ञानिक कारण)
धरती के भीतर मुख्य रूप से 7 टेक्टोनिक प्लेट्स होती हैं, जो निरंतर गतिमान रहती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं या इनमें घर्षण (Friction) होता है, तो भारी मात्रा में ऊर्जा निकलती है, जो भूकंप के झटकों के रूप में धरातल पर महसूस की जाती है। भारत का हिमालयी क्षेत्र विशेष रूप से संवेदनशील है क्योंकि यहाँ इंडियन प्लेट लगातार यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है।
Gangtok भारत के ‘खतरनाक’ भूकंपीय जोन
भूगर्भ विशेषज्ञों ने भारत को संवेदनशीलता के आधार पर चार जोन में बांटा है:
- जोन-5 (सबसे खतरनाक): इसमें पूर्वोत्तर भारत, जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्से, हिमाचल, उत्तराखंड, गुजरात का कच्छ और अंडमान निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं।
- जोन-4 (उच्च जोखिम): देश की राजधानी दिल्ली इसी जोन में आती है, जहाँ 7 से अधिक तीव्रता के भूकंप की आशंका बनी रहती है।
- जोन-3 और जोन-2: ये क्षेत्र तुलनात्मक रूप से कम संवेदनशील माने जाते हैं।
Gangtok रिक्टर स्केल: तीव्रता का गणित
| तीव्रता (Magnitude) | संभावित प्रभाव |
| 4.0 – 4.9 | खिड़कियां टूट सकती हैं, सामान गिर सकता है। |
| 5.0 – 5.9 | भारी फर्नीचर हिल सकता है, कच्चे मकानों को नुकसान। |
| 6.0 – 6.9 | इमारतों की नींव दरक सकती है, पक्के मकानों में दरारें। |
| 7.0 – 7.9 | इमारतें गिर जाती हैं, भारी तबाही। |
| 8.0 या अधिक | सुनामी का खतरा और पूर्ण विनाश। |
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