BY
Yoganand Shrivastava
Shravasti उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहाँ भारत-नेपाल सीमा पर स्थित प्रसिद्ध बाबा सोन पथरी आश्रम और मंदिर के पास कुछ युवकों द्वारा मांसाहार इफ्तार पार्टी करने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
Shravasti पवित्र झील में अवशेष फेंकने का आरोप
सिरसिया थाना क्षेत्र के सोन पथरी मंदिर के पास स्थित झील का धार्मिक महत्व अत्यधिक है। मंदिर के पंडित शरणानंद महाराज के अनुसार, इस झील के जल का उपयोग मूर्तियों के अभिषेक, मंदिर की सफाई और श्रद्धालुओं के लिए भोजन (प्रसाद) बनाने में किया जाता है। आरोप है कि करीब डेढ़ दर्जन युवकों ने यहाँ न केवल मांसाहारी इफ्तार किया, बल्कि खाने के अवशेषों को जानबूझकर झील में फेंक दिया, जिससे मंदिर की पवित्रता भंग हुई है।
Shravasti पुलिस की कार्रवाई और जमानत पर भड़का गुस्सा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वीडियो के आधार पर जमाल, इरफान, इमरान और जहीर नामक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सीओ सतीश कुमार ने पुष्टि की कि तहरीर के आधार पर कार्रवाई की गई है। हालांकि, आरोपियों को एसडीएम (SDM) कोर्ट से तुरंत जमानत मिल जाने के बाद स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है। लोगों का कहना है कि आस्था के साथ हुए इस खिलवाड़ पर पुलिस की यह कार्रवाई महज एक ‘दिखावा’ है।
Shravasti NSA लगाने की मांग, सोशल मीडिया पर उबाल
जमानत की खबर मिलते ही क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों पर रासुका (NSA) के तहत कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि इस कृत्य से जानबूझकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की गई है। फिलहाल, इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है और अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।
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